boxer shashikala

हुनर बहुत पर सरकार की ओर से बेेहतर सुविधाओं की दरकार

  • बॉक्सिंग में सात साल में जीत चुकी है पांच गोल्ड मेडल
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किया देश का नाम रोशन

हिमाचल दस्तक। रामपुर बुशहर
बॉक्सिंग का न पारिवारिक बैकग्राउंड न ही कोई विशेष प्रशिक्षण, लेकिन हुनर ऐसा की प्रतियोगिता में आयोजकों को पहली नजर में ही दिखी विलक्षण प्रतिभा। इसका परिणाम है कि जनजातीय जिले से निकल कर 7 साल के अंतराल में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। अब अगला लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल करने का है, लेकिन इसके लिए हिमाचल सरकार की ओर से बेेहतर सुविधाओं और माहौल की दरकार है।

जनजातीय जिला किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के समीप दूनी गांव की रहने वाली शशि कला नेगी अब तक पांच बार बॉक्सिंग में सब जूनियर एवं जूनियर में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी है। इसके अलावा चार बार इंटरनेशनल खेलते हुए गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल जूनियर एवं सब जूनियर में हासिल किया है।

वल्र्ड चैंपियनशिप में उन्होंने बुलगारिया और सर्विया में भी पांच बार हिस्सा लिया है। शशिकला पुत्री मोहिंदर सिंह नेगी की बॉक्सिंग खेल की शुरुआत कल्पा स्कूल में पढ़ते हुए जिला स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान खेल आयोजक एवं बॉक्सिंग के प्रशिक्षकों में दिखा। शशिकला बताती है कि प्रारंभिक शिक्षा कल्पा स्कूल और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिकांगपिओ में पढ़ाई शुरू की। इस दौरान साई हॉस्टल विशाखापट्टनम में विशेष ट्रेनिंग के लिए चली गई। करीब 4 साल प्रशिक्षण लेने के दौरान अपनी प्रतिभा का लोहा विभिन्न मंचों पर मनाती रही।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की कोशिश

2010 से लेकर 2015 तक जूनियर व् सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 5 बार गोल्ड मेडल लेकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया। इस दौरान 2012 में सर्बिया, 2013 में बुलगारिया और सरिया 2014 में दो बार सर्बिया में भी जूनियर सब जूनियर इंटरनेशनल बॉक्सिंग में भाग लिया और गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज मेडल हासिल किए हैं। अब नेशनल सीनियर वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी दमखम दिखाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।

शशिकला का लक्ष्य है कि ओलंपिक में पहुंचे और गोल्ड मेडल अपने नाम करें। शशिकला नेगी ने बताया कि प्रोत्साहित करने व दिशा-निर्देश देने में माता-पिता के अलावा किनौर बॉक्सिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट गोपीचंद नेगी का काफी योगदान रहा। नेगी ने बताया कि किन्नौर के विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी का भी हर मंच पर प्रोत्साहन मिला है और उन्होंने हमेशा आगे बढऩे की सलाह दी। इसके अलावा बॉक्सिंग फेडरेशन के स्टेट प्रेसिडेंट भंडारी व महासचिव सुरेंद्र सांडिल का मार्गदर्शन एवं योगदान लाभकारी सिद्ध हो रहा है।

वर्तमान में उनके कोच सुरेश भेतान शशिकला नेगी को प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। शशिकला इन दिनों शिमला के आरकेएमवी में शिक्षा ग्रहण कर रही है और इस के साथ ओलंपिक लक्ष्य ले कर आगे बढ़ रही है। शशिकला का कहना है कि सरकार उन्हें पुलिस में नौकरी दे, ताकि वह हिमाचल पुलिस को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सके।

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