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रसूखदार के लिए नहीं कोई नियम!

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई : डीसी

सोमी प्रकाश भुव्वेटा। चंबा
शहर के रसूखदार और राजनीतिज्ञों के लिए कोई नियम नहींं। सिर्फ आम आदमी को ही नियमों में बांधा जा रहा है। कसूरबार प्रशासन, पुलिस और नगर परिषद है। क्योंकि नियमों के बिलकुल खिलाफ काम कर रहे रसूखदार और राजनीतिज्ञों के खिलाफ कार्रवाई करने में तीनों के हाथ कांपते हैं। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि गरीब आदमी अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी के जुगाड़ के लिए शहर के किसी कोने में सामान बेचता दिखता है, तो उसे झट से वहां से हटाने पुलिस, प्रशासन और नगर परिषद के लोग पहुंच जाते हैं, लेकिन नियमों को ताक पर रख कर तैयार की जा रही बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी करने वालों को पूूछने वाला कोई नहीं।

जिला मुख्यालय पर 200 से भी अधिक ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिना नक्शा पास किए काम शुरू कर रखे हैं, जबकि बिना नक्शा पास किए कोई बिल्डिंग या फिर कोई अन्य अदर कंस्ट्रक्शन वर्क शहर के दायरे में नहीं हो सकता। चंबा एक ऐसा शहर है, जहां पर बेखौफ यह सब हो रहा है, जिसे नियमों के बिलकुल खिलाफ माना जा सकता है। नियमों के खिलाफ बन रही बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और अदर कंस्ट्रक्शन वर्क कोई आम आदमी तो शुरू करवा नहीं सकता।

आजकल यह बात सुनने को आम मिल रही है कि कानून तो सिर्फ आम आदमी के लिए ही बने हैं

शहर के वह रसूखदार और राजनीतिज्ञ ही हैं, जिन्होंने न तो अपने घर का काम शुरू करने से पूर्व नगर परिषद से नक्शा पास करवाया है और न ही पुुरातत्व विभाग से इसकी परमिशन ले रखी है। चूंकि, ऐतिहासिक इमारतों के ठीक 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन शुरू करने से पूर्व पुरातत्व विभाग से भी परमिशन लेनी पड़ती है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत प्रशासन, पुलिस और नगर परिषद की बात तो दूर नोटिस जारी करने तक का भी साहस न तो प्रशासन और न ही नगर परिषद कर पा रही है।

यहां की व्यवस्था को देखकर जब कोई शहर के किसी कोने या इरावती होटल के साथ लगती सड़क या फिर शहर की सड़क के किनारे कोई गरीब आदमी अपने परिवार की रोजी रोटी के लिए कुछ सामान बेचता दिखता है, तो नगर परिषद और पुलिस की टीमें उन्हें उठाने पहुंच जाती हैं। तभी तो आजकल यह बात सुनने को आम मिल रही है कि कानून तो सिर्फ आम आदमी के लिए ही बने हैं। रसूखदार और राजनीतिज्ञों के लिए तो जैसे कोई कानून ही नहीं। उधर, डीसी चंबा हरीकेश मीणा का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। कानून से बड़ा कोई नहीं। यदि कोई नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश होंगे।

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