PHC Marotan

PHC तो बना दी है लेकिन कोई डॉक्टर नहीं

हिमाचल दस्तक,शाहतलाई।। विधानसभा चुनावों का दौर जोरो से है और वहीं राजनेताओं के बड़े- बड़े वादे करना भी शुरू हो गया है। लेकिन चुनावों के बाद कोई भी राज नेता जनता के साथ किए गए वादों को नही निभाते है। जिससे लोगों के मन में सभी राजनेताओं के प्रति खासा रोष है।

  • सूचना पटट पर नहीं दी जाती डाक्टर नहीं होने की सूचना
  • विभाग स्थानीय लोगों के साथ करता है सौतेला व्यवहार
  • डॉक्टर न होने से पीएचसी का कोई लाभ लोगों को नही

यही हाल बिलासपुर के विस क्षेत्र झडूता के पिछड़ा क्षेत्र सलवाड़ पंचायत के गांव व मरोतन का है जहां के लोगों को PHC Marotan की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों की मानें तो विभाग स्थानीय लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। जिसका परिणाम गरीब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने पीएचसी तो बना दी लेकिन कोई डॉक्टर न होने के कारण उस पीएचसी का कोई लाभ लोगों को नही है।

पीएचसी में कोई भी चपरासी तक तैनात नहीं

स्थानिय लोगों कहना है कि विभागिय अधिकारी उनके साथ सौतेला व्यवहार करते है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावों के समय तो राजनेता वादें करते है लेकिन जब कोई परेशानी होती है तो वह लोगों को हाल पुछने तक नही आते है । उन्हेांनें कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ही पीएचसी का उदघाटन किया था । लेकिन पीएचसी में कोई भी चपरासी तक तैनात नहीं है । उन्होनेंं कहा कि अगर पीएचसी को लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है तो बिना डाक्टर के लोगों को क्या सुविधा होगी ?।

मामूली से इलाज के लिए भी मुश्किल

हर दूसरे दिन पीएचसी में ताले लगे होते है। जिससे लोगों को दो चार होना पड़ता है। उन्होनें कहा कि पीएचसी में कोई भी सूचना लोगों को नहीं दी जाती की आज पीएचसी में कोई भी डाक्टर कार्यरत नहीं होगा। उन्होनें कहा की लाचार और बीमार लोगो को परेशानियां उठानी पड़ती है मामूली से इलाज के लिए भी कलोल जाना पड़ता है। उपप्रधान संजय का कहना है कि उन्होनेंं बीएमओ झडूता से आग्रर भी किया था और लिखित में मांग की थी कि अगर डाक्टर को किसी कारण पीएचसी में नही आ सकते तो आप किसी भी अन्य डाक्टर को डैपूटेशन पर भेज दें जिससे लोगों को राहत मिल सके । लेकिन अभी तक उस शिकायत पत्र पर कोई भी कार्यवाही अमल मे नही लाई गई है ।

डाक्टर के अनुपस्थित में नोटिस वोर्ड पर सुचना होनी चाहिए

गैरतलब है कि इस पीएचसी को बने लगभग चार साल होने को है लेकिन लोगों को इसका कोई लाभ नही मिल रहा है । उन्होंने कहा कि जो डाक्टर पीएचसी में कार्यरत है वो भी ज्यादातर डैपूटेेशन पर ही रहते है । स्थानीय लोगों ने प्रशासन विभाग व सरकार से मांग की है कि डाक्टर के अनुपस्थित में नोटिस वोर्ड पर सुचना होनी चाहिए जिससे लोगों को यह ज्ञात हो जाए कि आज हॉस्पिटल में डाक्टर नही है । और जल्द से जल्द कोई चपरासी के पद को भरा जाए, और डाक्टर की अनुपस्थित में किसी अन्य डाक्टा को डैपुटेंशन पर भेजा जाए ताकि लोगों को अन्य शहरों का रूख ना करना पड़े।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams