News Flash
rajni patil

हार के कारण जानने के बाद प्रदेश प्रभारी ने पत्रकार वार्ता में किया ऐलान

हाईकमान की स्वीकृति से होगा संगठन में बदलाव

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
लोकसभा चुनाव में हार के बाद दुबकी बैठी हिमाचल कांग्रेस का हाल जानने आई पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल ने बड़े स्तर पर बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मेजर सर्जरी की शुरुआत हिमाचल प्रदेश से होगी। रजनी पाटिल ने माना कि यहां पर चुनाव में अप्रत्याशित परिणाम निकले हैं। राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों पर कहीं भी पार्टी को लीड न मिलने के कारणों को जानने का प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में वह कांग्रेस के विधायकों व लोकसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों से बात कर रही हैं।

रजनी पाटिल मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम हारे हैं, लेकिन हार नहीं मानी। पार्टी जीतने की जिद्द के साथ दोबारा मैदान में उतरेगी और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी के समय और राजीव गांधी के बाद 1997 में भी कांग्रेस ऐसे ही दौर से गुजरी है। तब भी कांग्रेस के खत्म हो जाने की बात उठ रही थी, जैस आजकल माहौल बना है। बावजूद इसके राजनीति में बदलाव एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

कांग्रेस प्रभारी ने हिमाचल में लोकसभा चुनाव की हार के सवाल पर माना कि इसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। साथ ही संगठन में बदलाव के सवाल पर भी कहा कि इसकी आवश्यकता है, लेकिन बड़े स्तर पर फेरबदल कांग्रेस हाईकमान की स्वीकृति से ही होगा। इस दौरान उन्होंने पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने की बात कही।

प्रभारी को दी है प्रत्याशियों ने अपनी रिपोर्ट – राठौर

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि लोकसभा चुनाव के चारों प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट पार्टी प्रभारी को दे दी है। रजनी पाटिल इसका आकलन करके, अपनी रिपोर्ट हाईकमान को देगी। इस रिपोर्ट में क्या कहा गया है, के सवाल पर राठौर का कहना था कि कई बातें सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। इसे लेकर पार्टी ही उच्च स्तर पर कोई कार्रवाई कर करेगी।

हिमाचल कांग्रेस की असफलता को ढांप गईं पार्टी की प्रदेश प्रभारी

  • हार की समीक्षा नहीं केवल नेताओं को दिलासा
  • मीडिया के सवालों पर रखा टालमटोल का रवैया

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
वास्तव में ही हिमाचल कांग्रेस मौजूदा समय अपने सबसे बूरे दौर से गुजर रही है, जिसके पास सुनने को तो बहुत कुछ है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर कहने को कुछ भी नहीं। कुछ ऐसा मंजर मंगलवार को कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की पत्रकार वार्ता में रहा। इस दौरान उन्होंने मीडिया के हर सवाल पर टालमटोल का रवैया अपनाए रखा। हालांकि चुनावों की हार पर उन्होंने इसे खुद सहित सबकी जिम्मेदारी बताया, लेकिन इसमें पार्टी स्तर पर कहां, क्या खामी रही, वह सब सवालों को टालती गईं।

रजनी सोमवार से लेकर शिमला में हैं और इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों सहित पार्टी के विधायकों व वरिष्ठ नेताओं और जिलों से आए विभिन्न पदाधिकारियों से अलग-अलग बात की। हालांकि कांग्रेस प्रभारी आई तो यहां हार के कारणों की समीक्षा करने थी, लेकिन लगता है कि वह केवल राज्य के नेताओं को दिलासा ही देने का काम करके गईं।

आलम यह था कि कांग्रेस प्रभारी ने चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयानों, संगठन की मिस मैनेजमेंट और चुनावी खर्चों तक के सवालों को अनदेखा किया। इस बीच उन्होंने पार्टी को निचले स्तर तक मजबूत करने व मेजर सर्जरी की बात को अधिक तवज्जो दी और कहना था कि कांग्रेस फिर से मजबूती के साथ वापसी करेगी।

नेताओं का फीडबैक व प्रत्याशी की रिपोर्ट खोलेगी हार का सच

हालांकि प्रदेश प्रभारी का शिमला आकर हार की समीक्षा करना महज खानापूर्ति सा प्रतीत हो रहा है। इस बीच उन्हें जो फीडबैक यहां के नेताओं ने दिया और लोकसभा में प्रत्याशी रहे नेताओं की रिपोर्ट, अवश्य चुनाव में हार का सच खोल सकती है। फर्क बस यह है कि रजनी पाटिल अभी इसे सार्वजनिक नहीं कर रही, क्योंकि इसमें कई बड़े नेताओं के नाम शामिल है। सूत्र बताते हैं कि यह ऐसे कांग्रेसी हैं, जिन्होंने प्रदेश में लोकसभा चुनाव को भी अपनी निजी राजनीतिक बिसात और गुटबाजी का अखाड़ा बनाया।

अब यदि प्रदेश कांग्रेस में धरातल पर सुधार की कवायद, इन चुनावों के बाद शुरू करनी है तो ऐसी काली भेड़ों को बेनकाब करके, बाहर करने की भी जरूरत है, जो जिस थाली में खा रही हंै, उसी में छेद भी कर रही हैं।

बताया जाता है कि प्रभारी व हाईकमान तक ऐसे लोगों की रिपोर्ट पहुंच चुकी है, लेकिन इससे विद-इन-पार्टी, बड़ा बवाल हो जाएगा, इसीलिए ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की हिम्मत कांग्रेस में नहीं हो रही। लिहाजा अब देखना है कि कांग्रेस लोकसभा के इन चुनाव की हार से सबक लेकर संगठन स्तर पर क्या बदलाव व नया करती है ताकि आने वाले समय में पार्टी को ऐसे दिन न देखने पड़ें।

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams