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पांगी सुरंग संघर्ष समिति ने डीसी के माध्यम से पीएम को भेजा ज्ञापन

कहा, बर्फबारी में पूरे विश्व से कट जाती है घाटी

हिमाचल दस्तक। चंबा
कबायली क्षेत्र पांगी के लिए सुरंग निर्माण को लेकर पांगी सुरंग संघर्ष समिति ने अब आवाज बुलंद कर दी है। समिति ने सरकार को दो टूक शब्दों में आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। समिति के सदस्यों ने उपायुक्त चंबा के माध्यम से सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। जिसकी प्रतिलिपि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल हिमाचल प्रदेश आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जय राम ठाकुर को भी भेजी गई है।

ज्ञापन से अवगत करवाते हुए समिति के सदस्यों ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र पांगी में लोग आज भी कालापानी के समान जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सर्दियों में पांगी घाटी में हर वर्ष पांच से दस फुट के बीच बर्फबारी दर्ज की जाती है, जिसके कारण पांगी घाटी की करीब 30,000 की आबादी वर्ष में छह माह के लिए शेष विश्व से पूर्ण रूप से कट जाती है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इन लोगों का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र के लोग समय पर उपचार न मिलने के कारण अब तक हजारों लोगों को अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं।

कबाइली क्षेत्र पांगी के लोग अपनी परेशानियों से रोजाना दो चार होते ही रहते है। इनका कहना है कि आजादी के बाद से ही घाटी के लोग पांगी के लिए सुरंग निर्माण की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं चुनाव के दौरान हर बार पांगी के लोगों को सुरंग बनाने के सपने दिखाए जाते हैं, लेकिन चुनाव में विजयी होने के बाद इसको लेकर कोई भी कदम नहीं उठाया जाता। ऐसी प्रक्रिया के चलते घाटी के लोग अब स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस सुरंग के निर्माण से न केवल पांगी की जनता को वर्ष के 12 महीने मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, अपितु घाटी में पर्यटन को भी पंख लगेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सुरंग काफी लाभदायक सिद्ध होगी। यदि जल्द ही सुरंग के निर्माण को लेकर सरकार द्वारा उचित कदम न उठाए गए तो इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव का जनजातीय समाज के लोग बहिष्कार करेंगे, जिसकी जिम्मेवारी केंद्र व प्रदेश सरकार की होगी।

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