manimahesh yatra

Manimahesh Yatra मुश्किल पर आस्था की डुबकी

प्रसिद्ध Manimahesh Yatra जन्माष्टमी पर यानि 15 अगस्त 2017 से शुरू होगी। यात्रा का समापन 29 अगस्त को राधाष्टमी के पवित्र स्नान के साथ होगा। मणिमहेश झील में पवित्र स्नान के लिए हर साल प्रदेश के अलावा देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। पथरीले रास्ते पर रोमांच से भरपूर इस यात्रा में कई जोखिम भी हैं। मान्यता है कि मणिमहेश झील में डुबकी लगाने से मनोकामना पूरी होती है। लाखों की तादाद में प्रदेश से लेकर बाहरी राज्यों के श्रद्धालु डलझील पहुंचते है।

  • मेडिकल कैंप शुरू
  • लंगर की भी व्यवस्था
  • रेस्क्यू टीमें तैनात

भरमौर प्रशासन ने बनाए 13 सहायता कक्ष

इस वर यात्रियों की मदद लिए आठ सहायता कक्ष हड़सर व इसके आगे स्थापित किए हैं। यहाँ से यात्रिओं को यात्रा से संबंधित पूरी जानकारी मिलेगी। यात्रिओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के 405 जवान व 266 गृहरक्षक चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। भरमौर से गौरीकुंड तक हेली टैक्सी सुविधा 11 अगस्त से मिलेगी। एक तरफ का किराया 1490 रुपये है। गौरीकुंड से करीब दो किलोमीटर आगे मणिमहेश तक पैदल जाना होगा।

कैसे पहुंचें मणिमहेश

जिला मुख्यालय चंबा से करीब 80 किलोमीटर दूर हंड़सर तक बस द्वारा सफर करना होगा। आगे हड़सर से मणिमहेश डल झील तक करीब 13 किलोमीटर पैदल खड़ी चढ़ाई है। जो कि पैदल ही तय करना पड़ेगा।

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