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मिड डे मील के राशन की बोरी ढुलाई गई बच्चों से

जावेद खान
चुराह। जिले के चुराह उपमंडल की एक माध्यमिक पाठशाला में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे बच्चों को मजदूर बना दिया गया। स्कूल प्रशासन ने नन्हें हाथों में किताबों की जगह पर मिड.डे मील के राशन की बोरी थमा दी।स्कूल से दो किलो मीटर की दूरी पर स्थित राशन के डिपो से परिसर तक जैसे-तैसे नौनिहालों ने राशन तो पहुंचा दिया लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि ढुलाई का बजट होने के बावजूद क्यों नौनिहालों से राशन ढुलवाया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

मामला मीडिया में आने के बाद स्कूल प्रबंधन भी भविष्य में ऐसा ना होने की दुहाई दे रहा

वही दूसरी ओर अभिभावको को ये चिंता सता रही है कि बचो को स्कूल भेजे या घर रखे क्योंकि स्थानीय इलाके में आजकल काफी गर्मी होने के करण सापों का बहुत डर लग रहा है कहीं बच्चों को कुछ भी हो जाता है तो इसका जिम्मेवार कौन रहेगा एक तरफ सरकार बच्चों को पढऩे के लिए काफी खर्चा कर रही है वही दूसरी ओर अध्यापकों के सहारे बचो को रखने से भी अभिभावक कतरा रहे है बहरहाल मामला मीडिया में आने के बाद स्कूल प्रबंधन भी भविष्य में ऐसा ना होने की दुहाई दे रहा है।

मामला चुराह क्षेत्र की माध्यमिक पाठशाला का है। बताया जा रहा है कि जिले में कई स्कूल ऐसे हैए जहां पर बच्चों से मिड.डे मील के राशन की ढुलाई करवाई जाती है। जबकि मिड.डे मील योजना के तहत राशन की ढुलाई के लिए अलग से बजट का प्रबंध होता है ऐेसे में अब सवाल उठ रहे है कि जब राशन बच्चों से ढुलवाया जा रहा हैए तो इससे संबंधित बजट किसकी जेब में जा रहा है।

उधर, स्कूल के हेडमास्टर सुरेंद्र मोहन दलील दे रहे हैं कि स्कूल में दो मिड.डे मील वर्कर हैं लेकिन बच्चों को किसने सामान के लिए भेजा था और इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।

गोविन्द सिंह एस एम सी अध्यक्ष का कहना सिंह है कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर हकीकत में ऐसा हुआ हैए तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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