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BBN में फर्जी पते पर आधार कार्ड बनाने का चल रहा गोरखधंधा

आधार बनाने के वसूले जा रहे चार गुना ज्यादा पैसे

ऊमा धीमान। बद्दी
प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र BBN में फर्जी पतों पर आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा है। आधार कार्ड बनाने के लिए हॉयर की गई एजेंसियां चार गुणा कीमत वसूल करके अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा कर रही हैं। यूपी-बिहार के प्रवासी लोगों के आधार कार्ड बीबीएन के स्थानीय पतों पर बनाए जा रहे हैं। निजी एजेंसियां नियमों व कानूनों को ताक पर रखकर हिमाचल के फर्जी पतों पर बाहरी लोगों के आधार कार्ड बना रहे हैं।

हैरानी तो इस बात की है कि जहां देश में आधार कार्ड को सबसे अधिक तरजीह दी जा रही है। आज हर चीज को आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। चाहे गैस कनेक्शन हो या फिर बैंक खाता सभी आधार कार्ड से लिंक हो रहे हैं। BBN में कुछ ऐसे आधार कार्ड मीडिया के हाथ लगे हैं जो कि प्रवासियों के हैं और उनके पते स्थानीय हैं। बीबीएन समेत पूरे प्रदेश में निजी एजेंसियां जगह-जगह आधार कार्ड बनाने के काऊंटर खोल कर बैठी हैं।

इन निजी एजेंसियों द्वारा बिना सारी कागजी कार्रवाई पूरी किए नियमों को ताक पर रखकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। बीबीएन में प्रवासियों के आधार कार्ड निजी पतों पर पाए गए हैं जो कि नियमों के खिलाफ है। पूरे प्रदेश में जगह-जगह खुले आधार कार्ड सेंटर सरेआम आधार कार्ड बनाने के नाम पर गोरखधंधा कर रहे हैं। निजी एजेंसियों द्वारा आधार कार्ड की तय फीस से चार गुणा जाता पैसा वसूला जाता है।

प्रवासी लोगों के आधार कार्ड हिमाचल के पते पर बना रही हैं

इसके बाद आधार कार्ड बनाने वाली यह निजी एजेंसियां सभी नियमों व कानूनों को ताक पर रखकर प्रवासी लोगों के आधार कार्ड हिमाचल के पते पर बना रही हैं। मौजूदा समय में चाहे बैंक लोन हो या फिर गैस कनेक्शन सब जगह आधार कार्ड मान्य है। ऐसे में हिमाचल के पतों पर बने यूपी बिहार के लोगों के आधार कार्डों का बैंकों, गैस एजेंसियों समेत अन्य स्थानों पर दुरूपयोग किया जा रहा है।

बैंक लोन में सबसे अधिक आधार कार्ड की जरूरत होती है। ऐसे में प्रवासी कोई बड़ा लोन लेकर कई तरह के फर्जीवाड़ों को अंजाम दे सकते हैंञ वहीं पुलिस के लिए भी प्रवासी लोगों के स्थानीय पतों पर बने आधार कार्ड बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। अगर कोई प्रवासी क्राईम करके यहां से चला जाता है और उसे आधार कार्ड के आधार पर डिटेक्ट करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

आधार कार्ड का कार्य निजी एजेंसियों द्वारा किया जाता है जिनका हेड ऑफिस दिल्ली है। प्रशासन की इन निजी एजेंसियों पर कोई नुकेल नहीं है। अगर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो हेड ऑफिस को इस संबंध में लिखा जाएगा।
-आशुतोष गर्ग, एसडीएम नालागढ़

यह मामला संवेदनशील है और देश की व्यवस्था से जुड़ा है। जहां का निवासी हो उसका आधार कार्ड वहां के पते पर ही बनना चाहिए। अगर ऐसा मामले सामने आ रहे हैं तो संबंधित एजेंसी को इस बारे लिखा जाएगा और एजेंसियों पर नुकेल कसने के संबंध में कदम उठाए जाएंगे। मामले की जांच के थाना प्रभारियों को आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि इस तरह के मामलों को रोका जा सके।
-राहुल नाथ, एसपी, जिला पुलिस बद्दी

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