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eyes water

आंखो में चुभन व लाल होने की आ रही है लगातार शिकायते

  • अस्पताल में रोजना सैंक ड़ों की संख्या में हो रही है ओपीडी
  • एक ही डाक्टर होने के कारण लोगों को हो रही है परेशानी

तोमर ठाकुर। सोलन
मोबाइल कम्प्यूटर स्क्रीन पर ज्यादा देर तक आंखे गढाए रखने से युवाओं और बच्चों की आंखो का पानी सूख रहा है। कम्प्यूटर व टीवी शो लगातार देखने वाले बच्चों से लेकर आईटी और बैंक सहित निजी सेक्टर में कामकाजी लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैंं। गर्मियों के चलते ड्राई आई की समस्या दोगुनी बढ गई है।

सोलन अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से 150 मरीज सिर्फ आंखों का उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा सुमित सूद के मुताबिक ओपीडी में आने वाले करीब 70 प्रतिशत लोग आंखों में चुभन और किरकिराहट की शिकायत को लेकर पहुंच रहे है। इस दौरान जांच में ड्राई-आई की समस्या सामने आ रही है। 25 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक यह समस्या देखने को मिल रही है।

जानकारी के अनुसार सोलन अस्पताल में इन दिनों आंखों का उपचार करवाने वाले लोगों में खासा ईजाफा हुआ है। रोजाना सैंकड़ों की सख्या में लोग उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे है। सबसे सबसे अधिक परेशानी ड्राई- आई की है। इसमेें मरीजों की शिकायत आंखों में चुभन व लाल होना है।

बता दे कि सोलन अस्पताल में जिला सोलन के अलावा सिरमौर व शिमला के लोग भी अपना उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे है। वहीं डाक्टर की माने तो लगातार बड़ी स्कीन और स्मार्टफोन का चलन बढने से भी आंखों की बिमारियों में इजाफा हुआ हैं। इसके साथ- साथ एलर्जिक कंजेक्टिाइटिस लोगों पर लगातार हावी हो रही है। बताया जा रहा है कि इन दिनों अस्पताल में एलर्जिक कंजेक्टिाइटिस से पीडित इलाज के लिए पहुंच रहे। इस बीमारी की चपेट में आने से आंखे लाल हो जाती है और सफेद पदार्थ जमने लगता है। आंखों में मिचमिचाहट और पानी निकलने की समस्या भी होती है। यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है।

नेत्र विशेषज्ञ डा. सुमित सूद ने कहा कि ड्राई आई की समस्या में बीस- बीस – बीस का फार्मूला कार्य करता है। कम्प्यूटर ,टीवी या फिर मोबाइल की स्क्रीन पर 20 मिनट लगातार देखने के बाद , 20 मीटर की दूरी पर 20 सेंकड तक देखना चाहिए। इससे बीमारी की आंशका कम होती है। हरे पेड -पौधों को देखने से भी राहत मिलती है!

एक मिनट में 15 बार झपकाए पलकें

अमूमन एक मिनट में दस से 15 बार पलके झपकानी चाहिएं। इससे कोर्निया में तरलता बनी रहती है। मोबाइल और कम्प्यूटर में काम करते समय लोग पलके नहीं झपकातेे , इससे आंखों में पानी कम बनता है। यही कारण है कि लोगों में ड्राई आई की समस्या पैदा होती है।

सोलन अस्पताल में एक ही नेत्र रोग विशषज्ञ है। हाल ही में डा. दिप्ती परमार को सोलन अस्पताल से ट्रांसफर कर दिया गया है। उनके स्थान पर अभी तक किसी को भी नियुक्त नहीं किया गया है। ऐसे में अस्पताल में केवल एक ही नेत्र विशेषज्ञ है। इसके चलते मरीजों को भारी मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना हीं नहीं यादि सोलन अस्तपाल में कार्यरत डाक्टर अवकाश पर चला जाए तो अस्पताल में कोई भी नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं बचता है। इसका खामियाजा भी मरीजों को भुगतना पड़ता है।

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