morpen Labs deal

डेवलपमेंट फैसिलिटी की स्थापना को भारत में कर सकता है निवेश

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। बद्दी
बद्दी स्थित मोरपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड ने भारत में 1000 करोड़ के प्रोबायोटिक्स मार्किट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बेल्जियम की वसाल फार्मा इंटरनेशनल से करार किया है। फार्मा क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियों के बीच समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर बेल्जियम के राजा और रानी की मौजूदगी में हुए, जो इन दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर है। यह समझौता भारतीय बाजार में खासतौर से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी सेगमेंट में मोरपेन के फॉर्मयुलेशन पोर्टफोलियो का विस्तार करेगा। प्रारंभिक तौर पर वितरण और मार्किटिंग के क्षेत्र में यह एक खास समझौता है।

हालांकि इस समझौते के तहत अपने प्रोडक्ट्स की संपूर्ण रेंज के लिए विदेशी पार्टनर वसाल फार्मा भविष्य में दवाओं के विश्वस्तरीय निर्माण संयंत्र और रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी की स्थापना के लिए मोरपेन के साथ भारत में निवेश कर सकता है। भारतीय बाजार में वसाल फार्मा की ओर से पेश किए गए 4 प्रमुख प्रोबायोटिक्स में बैसिलेक इंफेंटिस, बैसिलेक ओआरएस, बैसिलक फोर्ट और सिबालेक्स शामिल है। हर प्रॉडक्ट अपने आप में बेमिसाल है और इसमें इंटेलिकैप्स की पेंटेंट टेक्नॉलजी शामिल है।

अगले 5 सालों में ये 4 प्रॉडक्ट मिलकर मोरपेन लैब्स की टॉप लाइन में 100 करोड़ रुपये का योगदान करेंगे

वसाल की यह पेंटेंट टेक्नॉलजी प्रोबायोटिक्स को पेट में नष्ट नहीं होने देती और आंतों में जीवित अणुओं को पहुंचा देता है, अगले 5 सालों में ये 4 प्रॉडक्ट मिलकर मोरपेन लैब्स की टॉप लाइन में 100 करोड़ रुपये का योगदान करेंगे। प्रोबायोटिक्स का देश में करीब 1000 करोड़ का एथिकल प्रिस्क्रिप्शन का मार्किट है, जो 15 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है। मोरपेन इन प्रॉडक्ट्स की बिक्री केवल भारतीय बाजारों में ही नहीं करेगा, पर भविष्य में वसाल के लिए इन प्रॉडक्ट्स को दुनिया के दूसरे बाजारों में भी मुहैया करवाएगा।

मोरपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुशील सूरी ने कहा कि हम वसाल की टेक्नॉलजी और प्रोडक्ट्स को भारत में लाकर काफी प्रसन्न है। वसाल की विस्तृत रेंज और टेक्नोलॉजी हमारे प्रोबायोटिक्स पर फोकस के साथ मेल खाती है। आज भारत के टियर-2 और टियर-3 से संबंधित छोटे शहरों में लाइफ स्टाइल, खाने की आदतों और पोषण की कमी से काफी समझौता किया जाता है।

संक्रमण और रोग के दौरान आंतों की सेहत के साथ भी समझौता किया जाता है। इसलिए दोनों मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मोरपैन ने प्रोबायोटिक्स पर विशेष फोकस रखने की योजना बनाई है। वसाल फार्मा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेहन लिनआर्ट ने कहा भारत ने वसाल को विशाल अवसर मुहैया कराया है।

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