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बद्दी विकास मंच ने मांगा वीरेंद्र कश्यप से त्यागपत्र

सड़क हादसों से टूटने लगा लोगों के सब्र का बांध

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। बीबीएन
नालागढ़-पिंजौर मार्ग पर हो रहे हादसों और बढ़ती जाम की समस्या से इस मार्ग पर फोरलेन का कार्य आरंभ न होने से लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। बद्दी विकास मंच ने इस मामले में जहां मोदी सरकार को घेरा, वहीं शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप को इसका जिम्मेदार बताते हुए उनसे त्यागपत्र की मांग कर डाली है।

जारी बयान में बद्दी विकास मंच के अध्यक्ष बेअंत सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 में जब लोकसभा के चुनाव थे तो वीरेंद्र कश्यप ने वादा किया था कि नालागढ़-बद्दी-पिंजौर नेशनल हाइवे को फोरलेन बनाया जाएगा और बद्दी को रेललाइन से जोड़ा जाएगा। लेकिन इन मामलों में सांसद नाकाम साबित हो रहे हैं और ऐसे में उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन हो रहे हादसों में कई होनहार युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। मंगलवार को ही दवा कंपनी के चार वरिष्ठ अधिकारियों की सड़क हादसे में मौत हो गई है। ऐसे में यह हादसे केंद्र सरकार, अंबाला और शिमला के सांसदों पर कलंक के समान हैं।

उनका कहना है कि आने वाले कुछ माह में आचार संहिता लागू हो सकती है

उनका कहना है कि सांसद को इस लिए भारी मतों से विजयी बना कर केंद्र में भेजा गया था ताकि वह बीबीएन की आवाज को संसद में उठा कर उनका निराकरण करवा सकें। हिमाचल और हरियाणा में भाजपा की सरकारें हैं। दून और कालका के विधायकों के अलावा शिमला और अंबाला में भी भाजपा के सांसद हैं तो इस मामले में कौन लोग अड़चन डाल रहे हैं, यह सांसद कश्यप को स्पष्ट करना होगा।

उन्होंने सवाल किया कि एक ओर तो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रतिदिन सैकड़ों किलोमीटर सड़कें बनने के दावे कर रहे हैं तो देश के सबसे बड़े औद्योगिक हब से ही भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि आने वाले कुछ माह में आचार संहिता लागू हो सकती है, जिससे इस मार्ग पर फोरलेन का कार्य आरंभ होने में संदेह पैदा हो रहा है। यदि ऐसा हुआ तो सांसद वीरेंद्र कश्यप को बीबीएन से वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं होगा।

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