Triple talaq

Triple talaq के समय प्लयूर पंचायत के उपप्रधान भी शामिल

हिमाचल दस्तक,चंबा।। देश में Triple talaq पर सुप्रीप कोर्ट द्वारा बैन लगा दिया गया है, लेकिन जिला चंबा की ग्राम पंचायत प्लयूर में मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति  ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने के बजाए दस माह के एक बच्चे समेत अपनी पत्नी को तलाक दे दिया है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर लगा रखा है बैन
  • दस माह के एक बच्चे समेत अपनी पत्नी को दिया तलाक

Triple talaq देने के बाद उक्त मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति ने दूसरी शादी भी कर ली है। ऐसे में अब जिस मुस्लिम समुदाय की लड़की को बच्चे समेत तलाक दिया है वे कहां जाएंगी। इस बात का खुलासा शनिवार को चंबा में जागोरी कार्यालय में नारी अदालत में हुआ है। इस अदालत में तीन केसो की सुनवाई की गई। तीनों केस घरेलू हिंसा से संबंधित थे। जिसमें एक केस प्लयूर पंचायत से गुज्जर महिला का है।

तलाक नामा के वक्त पीडि़त महिला भी नहीं थी शामिल

इस पीडि़त महिला का कहना है कि पिछले माह गुज्जर समुदाय के लोगों ने घरेलू पंची करके चार लोगों को इक्कठा करके मेरा तलाक नामा करवा दिया। पीडि़ता ने बताया कि तलाक नामा के वक्त मैं शामिल नहीं थी। तलाक के समय प्लयूर पंचायत के उपप्रधान भी शामिल थे। जो पंची के वक्त सलाहकार की भूमिका निभा रहे थे। वहीं पीडि़त महिला का दस माह का बच्चा भी है।

घरेलू तलाक गैर कानूनी

यदि इस तरह पंचायत प्रधान कोर्ट के आदेशों का नहीं मानेंगे तो मुस्लिम महिलाओं को न्याय मिलना मुश्किल है। वहीं पीडि़ता का पति घरेलू तलाक के बाद एक 16 वर्षीय लड़की के साथ शादी कर बैठा है पीडि़ता को अपने घर से निकाल दिया है। ऐसे में जागोरी अदालत ने फैसला किया है कि पीडि़त महिला अपने घर पर रहेगी। जो घरेलू तलाक हुआ है वे गैर कानूनी है। इसके लिए दोषी के साथ कठोर कार्यवाही की जाएगी। ऐसे में अब अदालत ने छानबीन करने का निर्णय लिया है।

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