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हर साल किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

मदन हिमाचली। नौणी
डॉ. वाईएस परमार विवि नौणी की ओर से निर्मित किए गए शुष्क पुष्प उत्पादों का निर्यात दुनिया के कई देशों में किया जाएगा। विवि पर्याप्त मात्रा में शुष्क पुष्प का उत्पादन करने के लिए प्रदेश के पांच हजार किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। हिमाचल में निर्मित शुष्क फूल देश के कई पांच सितारा होटलों में भी अपनी रंगत बिखरेंगे। विवि में डॉ. भारती कश्यप के मार्गदर्शन में इस संदर्भ में शोध किया जा रहा है।

मात्र 15-20 रुपये की लागत से बनने वाले इन सूखे फूल-पत्तियों के गुलदस्तों को 200 से 500 रुपये तक बेचा जा सकता है। इसी तरह इनसे बने ग्रीटिंग कार्ड व अन्य सामान को हिमाचल टूरिज्म बोर्ड को भी प्रदान किया जाएगा। इन शुष्क फूल-पत्तियों का इस्तेमाल कर टोकरियां व अन्य वस्तुएं भी बनाने की योजना है।

विवि के कुलपति डॉ. हरिचंद शर्मा ने बताया की शुष्क पुष्प से बनने वाले सामान को शोध में शामिल किया गया है। इसके लिए प्रति वर्ष पांच से दस हजार किसानों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में छात्र डॉ. भारती कश्यप के मार्गदर्शन में शोध कर रहे हैं। इस योजना को हिमाचल पर्यटन बोर्ड के साथ भी साझा किया जा रहा है।

कई साल से किया जा रहा शोध

विवि की ओर से कई साल से शुष्क पुष्पों पर शोध कार्य किया जा रहा है। इस दौरान एक दर्जन से भी अधिक पुष्प किस्मों पर शोध किया गया है। इसके बाद विवि विभिन्न उत्पाद तैयार कर उन्हें निर्यात करने के निष्कर्ष पर पहुंचा है। वर्तमान में भी विवि द्वारा शोध कार्य जारी है।

किसानों की आर्थिकी को मिलेगा बल

शुष्क पुष्पों से बने उत्पाद तैयार करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसे उत्पादों की खासी मांग है। ऐसे में इससे जुड़े किसानों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। साथ ही इससे किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की तरफ भी कदम बढ़ाया जा सकेगा।

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