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जिला प्रशासन जल्द ही ले सकता है मदद

आठ दिन से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद भी मासूम का नहीं लग पाया कोई सुराग

शैलेश सैनी। नाहन
अब श्रुति की तलाश के लिए जिला प्रशासन जल्द ही एनडीआरएफ की टीम व जिला मुख्यालय नाहन स्थित स्पेशल आर्मी फोर्सेज की मदद भी ले सकता है। हालांकि आर्मी की सहायता विशेष परिस्थितियों में ही ली जा सकती है, मगर स्पेशल आर्मी फोर्सेज यूनिट व फस्र्ट पैरा यूनिट नाहन में होने के कारण इनकी विशेष एक्सरसाइज क्षेत्र के जंगलों व दुर्गम क्षेत्रों में नियमित रूप से चलती है। लिहाजा जिला प्रशासन उनकी नियमित एक्सरसाइज को चूड़धार की पहाडिय़ों में किए जाने को लेकर आर्मी से संपर्क साध सकता है।

दूसरी ओर संगड़ाह पुलिस भले ही खुद जंगलों में अभी तक डटी हो मगर सूत्रों से यह पता चला है कि संगड़ाह पुलिस प्रमुख अधिकारी ने एसपी सिरमौर को एनडीआरएफ को इन जंगलों व दुर्गम कंदराओं में उतारने के लिए निवेदन किया है। ऐसे में एसपी सिरमौर जिला सिरमौर उपायुक्त ललित जैन को एनडीआरएफ के लिए अप्रोच कर सकते हैं। इसके बाद आर्मी व एनडीआरएफ की टीम संयुक्त अभियान चलाकर श्रुति के लिए अंतिम सर्च अभियान चला सकती है। 8 दिन से चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद छह साल की मासूम का कोई सुराग नहीं लगा है।

पुलिस ने अभी तक केवल औपचारिक छानबीन की है

सूत्रों की मानें तो यह भी पता चला है कि श्रुति के माता-पिता के पास कोई पुत्र नहीं है। परिवार पुत्रमोह में कई अनुष्ठान भी कराता रहा है। ऐसे में जांच की सूई परिवार की ओर भी घूमती है जिस पर पुलिस ने अभी तक केवल औपचारिक छानबीन की है। परिवार की ओर शक इसलिए गहरा जाता है, क्योंकि उनके व स्थानीय लोगों के बयानों में काफी विरोधाभास है।

जंगली जानवरों की अटकलों पर भी इसलिए विराम लग जाता है कि जिस जगह से श्रुति लापता हुई है वहां पर कोई ब्लड क्लॉट, कपड़े का कोई अंश, खींचे जाने का कोई निशान आदि कोई एक सबूत तो मिलता, जो कि नहीं मिला। बहरहाल अब जिला प्रशासन ने अंतिम दांव खेलते हुए सर्च हेतु एनडीआरएफ और आर्मी की सहायता की जो योजना बनाई है, उसके बाद ही तय हो पाएगा कि श्रुति के मामले की जांच का कौन सा एंगल अख्तियार किया जा सकता है।

एनडीआरएफ और आर्मी की सहायता का सुझाव काफी सही है। तमाम कोशिशें की जानी चाहिए। यह बच्ची की जिंदगी का सवाल है। -ललित जैन, डीसी

पुलिस ने अभी हार नहीं मानी है। एनडीआरएफ के लिए जिला कप्तान को सूचना भेजी जाएगी। -अनिल धौल्टा, डीएसपी, संगड़ाह

यदि स्थानीय सिविल प्रशासन किसी भी आपदा के लिए सहयोग मांगता है तो सहयोग किया जाएगा। -अरविंद शर्मा, स्पेशल आर्मी फोर्सेज कमांडेंट

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