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परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने पूछा, इसमें हमारा क्या कसूर?

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय हुई भर्ती के रद होने की प्रक्रिया शुरू होने पर नया बवाल हो गया है। ये परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने सरकार से पूछा है कि भर्ती में कुछ गलत नहीं हुआ है और इसका सारा रिकॉर्ड भी स्कूल शिक्षा बोर्ड के कार्यालय में मौजूद है। सरकार इसकी जांच करवाए, लेकिन भर्ती रद न करें। करीब 216 पदों को भरने के लिए हुई इस भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और यदि इसे रद किया गया तो अभ्यर्थी कोर्ट जाएंगे।परीक्षा पास करने वाले युवकों ने अपने स्तर पर बैंक चेयरमैन तक भी बात पहुंचाई है।

दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर अफसरों ने सरकार को तर्क दिया है कि नई सरकार बनने के बाद सहकारी बैंकों से संबंधित 8 मामलों में जांच के आदेश हो चुके हैं। अधिकांश मामले विजिलेंस को दिए गए हैं। इसलिए एक ओर जांच और दूसरी ओर क्लीयरेंस देना ठीक नहीं होगा। इस तर्क के बाद ही आरसीएस को भर्ती रद करने की प्रक्रिया शुरू करने के मौखिक निर्देश हुए। सरकार को ये भी बताया गया कि शिक्षा बोर्ड से करवाई गई भर्तियों पर सबसे ज्यादा संदेह है। बोर्ड ने ही विजिलेंस को जवाब दिया है कि पुरानी भर्ती का रिकॉर्ड जला दिया है, लेकिन केवल संदेह पर भर्ती रद करने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ये भी कहा जा रहा है कि सहकारिता मंत्री और सचिव के स्तर पर मसला सही तरीके से हैंडल नहीं हुआ।

2017 में हुई इस भर्ती के लिए भी तत्कालीन एमडी ने बीओडी में शिक्षा बोर्ड को ये काम देने से इनकार किया था, क्योंकि इससे पहले की भर्ती में पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ की बेटी को एक नया रूट लेकर नौकरी दी गई थी और वह बोर्ड द्वारा ली गई भर्ती परीक्षा में सेकेंड टॉपर थी। जबकि उसके पास बोर्ड से जमा दो पास का प्रमाण पत्र तक नहीं था। लेकिन तत्कालीन बैंक प्रबंधन ने रोड़़ा बनी एमडी को हटाकर नए एमडी से ये मंजूरी ली। हालांकि परीक्षा पास करने वाले युवाओं को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनके हित में फैसला लेंगे।

अभी फाइल पर ऑर्डर लेंगे आरसीएस

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस भर्ती के भविष्य पर अब आरसीएस को फैसला लेना है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके अंतिम रिजल्ट को रोका गया था। तब से लेकर अब तक केसीसी बैंक को भी इस पर फैसले का इंतजार है। पंजीयक सहकारी सभाएं डा. अजय शर्मा ने सम्पर्क करने पर बताया कि अभी इस बारे में कुछ कहना सही नहीं होगा। मौखिक निर्देश जो भी हों, विभाग सरकार से फाइल पर ही इस बारे में आर्डर लेगा।

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