News Flash
new faces bjp

पर्दे के पीछे – भाजपा के लिए चंबा जिला बना प्रयोगशाला

स्थापित नेताओं की होती जा रही है छुट्टी

संजय दराट। चुवाड़ी
भारतीय जनता पार्टी ने जिला चंबा को राजनीतिक प्रयोगशाला के तौर पर परखा। नए प्रयोग से बेहतर नतीजे भी सामने आए और 2012 के बाद 2017 में भी इसी प्रयोग के तहत भाजपा को सफलता मिली।

भाजपा का यह नया प्रयोग था, पार्टी के पुराने चेहरों को हटाकर उनके स्थान पर नए चेहरे लाना। इस प्रयोग के लिए भाजपा ने चंबा जैसे छोटे जिले को चुना और वर्ष 2012 में पहले से स्थापित नेताओं को हटाकर नए चेहरे चुनावी रण में उतारे। पहले चरण में इस प्रयोग की भेंट विधानसभा अध्यक्ष रहे पंडित तुलसी राम और पूर्व मंत्री मोहन लाल चढ़े। इसके साथ ही भटियात से भूपिंदर सिंह चौहान भी हटा दिए गए। जिया लाल, हंस राज और विक्रम जरयाल जैसे नए चेहरों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा और तीन में से दो लोग जीत भी गए।

इसी क्रम को पार्टी ने 2017 में भी जारी रखा और बाल किशन चौहान और डलहौजी से रेणू चड्डा जैसे स्थापित नेताओं को हटाकर यहां भी नए चेहरे मैदान में उतारे गए। इनमें पवन नैय्यर चुनाव जीते हैं, जबकि डीएस ठाकुर काफी करीबी अंतर से पिछड़ गए। भाजपा के इसी प्रयोग की बदौलत चंबा जिला की पांच सीटों में से पार्टी को चार सीट पर जीत हासिल हुई है।

क्यास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा इसी तर्ज पर भविष्य में भी पुराने चेहरे हटाकर नए चेहरों पर दांव खेलेगी और पार्टी का कलर और क्लेवर बदलने का यह प्रयास निरंतर रहेगा। हालांकि इससे भितरघात का जोखिम भी पार्टी ने उठाया है, लेकिन आखिर सफलता ही हाथ लगी है। पार्टी को भटियात और भरमौर में भितरघात और बगावत तो झेलनी पड़ी, लेकिन यह बगावत असरदार साबित नहीं हुई। चंबा और डलहौजी में भी भितरघात का कोई असर नहीं दिखा।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams