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HP High Court

हाईकोर्ट में घटना पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी सरकार ने

छह हफ्ते के बाद दोबारा इस केस की सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

देव आस्था के नाम पर मंडी जिले की गाहर पंचायत में वृद्ध महिला को डायन बताकर मुंह काला कर गांव में घुमाने के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से छह सप्ताह में ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने समाचार पत्रों में छपी खबरों पर इस घटना का संज्ञान लिया था।

मामले की आगामी सुनवाई जनवरी के दूसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है। खबरों के अनुसार मंडी जिले के सरकाघाट की गाहर पंचायत में वृद्ध महिला को डायन बताकर मुंह पर कालिख पोतकर गांव में घुमाने के मामले में पुलिस ने अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अभी तक धारा 147, 149, 452, 435, 355 और 427 लगाई हैं। पुलिस की कार्रवाई पर देवता के कार कारिंदे और अनुयायी भड़क गए थे।

इस पर उन्होंने एलान कर दिया था कि वह भारी जनसमूह के साथ देवता के रथ को सरकाघाट थाने ले जाएंगे और पुलिस से अपने गूरों और अन्य आरोपियों को छुड़ा लेंगे। हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी धारा 144 लगाने की तैयारी कर ली थी। जब लोगों को इस बात का पता चला तो उन्होंने सरकाघाट आने का विचार बदल दिया और कहा कि देवता ने वहां जाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद से अब तक पुलिस जांच जारी है और जल्द ही इस बारे में चार्जशीट दायर की जाएगी।

देव आस्था में प्रताड़ना ही प्रसाद, तो देवरथ की मार को मानते रहे आशीर्वाद

बुरी शक्तियों से बचने को सहते रहे यातनाएं, अंधविश्वास में जकड़े रहे पढ़े-लिखे

देवता का आदेश मान कर साधे रखी चुप्पी

हिमाचल दस्तक, अजय कुमार। मंडी/सरकाघाट

समाहल गांव में बुजुर्ग महिला क्रूरता मामला के सामने आने के बाद छानबीन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यहां देव आस्था के वशीभूत लोग प्रताड़ना को ही देवता का प्रसाद मानते रहे और बुरी शक्तियों से बचने के लिए यातनाएं सहते रहे। लोगों की आंखों पर अंधविश्वास की ऐसी पट्टी बंधी थी कि लोग पुजारिन की मर्जी को ही देवता का आदेश मानकर पूरा करते रहे और फिर यह अंधभक्ति महिला से कू्ररता की हदें पार कर गया।

जेल में बंद लोगों व गांव के लोगों से हुई पूछताछ ने यह साफ कर दिया है कि देव आस्था में लोगों ने प्रताडऩा को ही प्रसाद मान लिया था और कोई भी इस प्रताड़ना का विरोध नहीं करता था। पुजारिन के माध्यम से जो आदेश दिया जाता था लोग उस पर अमल करते थे। 6 नवंबर के दिन भी ऐसे ही आदेश ने 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मुंह पर कालिख पोती दी। पुलिस की जांच में अब मामले की कई परतें खुल रही हैं।

देव आस्था के कारण ही गांव के अच्छे पढ़े-लिखे लोग भी भक्ति के रूप में प्रताड़ना रूपी प्रसाद मिलने पर भी विरोध तक नहीं कर पाए हैं। पुजारिन के माध्यम से आए आदेशों पर किसी ने सवाल उठाया तो उसको दंड भी मिल गया। देवता का दंड पुजारिन द्वारा ही निर्धारित किया जाता रहा है। देवरथ से होती पिटाई को ही लोग देवता का आशीर्वाद मानते रहे और बुरी शक्तियों से अपने को बचाए रखने के लिए यातनाएं सहते रहे हैं।

प्रताड़ित महिला राजदेई के नजदीकी रिश्तेदारों ने इस बीच शिकायत भी की, लेकिन फिर यातनाओं को ही देवता का प्रसाद मान लिया। प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और देव समाज से जुड़े कुछ लोग देव रीति-रिवाज और परंपराओं को बताने के लिए काउंसिलिंग कर रहे हैं।

डीएसपी चंद्रपाल ने बताया कि सरकाघाट समाहल में महिला प्रताड़ना के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। लोगों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य की पड़ताल की जा रही है।

समाहल गांव में सामान्य हो रहे हैं हालात

सरकाघाट। समाहल गांव में महिला प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। स्थानीय लोग पुलिस की जांच में सहयोग कर रहे हैं और अपनी दिनचर्या निपटाने के लिए घरों से बाहर भी निकल रहे हैं। हालांकि गांव के एक साथ 24 लोगों की जेल में बंद होने से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। पुलिस की पूछताछ भी अब ग्रामीणों के लिए सामान्य प्रक्रिया बन गई है। पूछताछ के दौरान दबी जुबान में लोग महिला प्रताडऩा के अलावा भी कुछ ऐसे तथ्य सामने रख रहे हैं, जिससे पुलिस पूरी कडिय़ां जोडऩे में आसानी हो रही है। महिला प्रताडऩा के बाद पुलिस ने एक साथ 15 पुरुषों सहित 9 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी लोग मंडी जेल में न्यायिक हिरासत में है।

अभी भी पूछताछ का दौर जारी

जय गोपाल द्वारा दर्ज करवाई गई एफआईआर में कुछ ऐसे नाम शामिल हैं, जिनको अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को साफ कर दिया है कि बिना वजह कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। तथ्य सामने आने पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

18 परिवारों से एक एक सदस्य जेल में

गांव में 18 परिवार ऐसे हैं, जिनका कम से कम एक व्यक्ति जेल में बंद है। डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने कहा है कि अब लोग जांच में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का जीवन सामान्य हो रहा है। पुलिस किसी से बेवजह से पूछताछ नहीं कर रही है। तथ्यों को सबूतों के साथ जोडऩे के लिए पूछताछ की जा रही है।

बच्चों से जुटाई जाएगी जानकारी

महिला क्रूरता मामले सहित जय गोपाल मामले में दर्ज एफआईआर के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस उन सभी बच्चों से पूछताछ करेगी जो वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा उनसे यह भी जानकारी जुटाई जाएगी जो देव आस्था के दौरान होने वाली प्रताडऩा को देखते रहे हैं। पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की तैयारी कर ली है।

 

सरकाघाट बुजुर्ग महिला क्रूरता मामला: हाईकोर्ट में पेश होगी मामले की स्टेटस रिपोर्ट

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