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प्रमुखता से चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाला कोई नहीं

नरेंद्र शर्मा। मंडी
मंडी संसदीय सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच रोचक मुकाबला चल रहा है। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने कमांडरों को लेकर चिंतित हैं। दोनों की चिंताएं एक जैसी हैं। रामस्वरूप शर्मा के तारणहार मुख्यमंत्री हैं और उनके पांव में दर्द है। इसलिए डॉक्टर ने उन्हें दो दिन तक पूरा आराम करने की सलाह दी है। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक वे दो दिन तक शिमला में ही रहेंगे और चुनाव प्रचार से दूर रहेंगे। रामस्वरूप शर्मा भगवान से दुआ मांग रहे हैं कि किसी तरह से सीएम जल्दी ठीक हो जाएं, ताकि प्रचार में गति आ सके। क्योंकि उनके बिना प्रचार रफ्तार नहीं पकड़ेगा।

दूसरी ओर कांग्रेस के प्रत्याशी आश्रय शर्मा हैं। दादा सुखराम उम्र की वजह से चुनाव प्रचार को रफ्तार नहीं दे पा रहे हैं। सुखराम के पुराने सिपहसिलारों की संख्या भी अब कम हो गई है। लिहाजा प्रमुखता से चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाला कोई नहीं है। आश्रय को इंतजार है अपने पिता के चुनाव मैदान में कूदने का।

यह अलग बात है कि अनिल साफ तौर पर कांग्रेस का प्रचार करने से इनकार चुके हैं। लेकिन बेटे को आस तो है कि पिता उसे इस चुनावी भंवर से निकालने के लिए जरूर आगे आएंगे। ऐसे में भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों की चिंताएं एक जैसी ही लग रही हैं और दोनों अपनी चिंताओं का निवारण करने के लिए भगवान से प्रार्थना भी कर रहे हैं।

सीएम साहब की चोट जल्दी ठीक हो जाएगी। जैसे ही ठीक होगी। प्रचार में तेजी आएगी। वह हर मोर्चे पर मेहनत करेंगे और भाजपा को जीत दिलाएंगे। भगवान उनकी चोट को जल्दी ठीक करें। -रामस्वरूप शर्मा, भाजपा

प्रत्याशी, मंडी संसदीय सीट

दलबदल कानून की वजह से उनके पिता अनिल शर्मा प्रचार से दूर हैं। लेकिन एक दिन वह चुनावी महाभारत में अवश्य ही प्रचार पर आएंगे। उन्हें उस दिन का इंतजार है। यदि नहीं आए तब भी वह जी जान से लड़ेंगे।  -आश्रय शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी मंडी संसदीय सीट

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