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निर्धारित भार से ज्यादा बैग हुआ तो स्कूल पर होगा कार्रवाई

सभी स्कूलों को दिए गए निर्देश

राजमकुमार। मैहरे
स्कूली बैग के बोझ तले दबे बचपन को मानसिक व शरीरिक रूप से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने स्कूलों के लिए नये मापदंड निर्धारित किये है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को सख्ती के साथ नये निर्धारित मापदंडों को सभी स्कूलों में लागू करवाने के फरमान भी जारी कर दिए है। भारत सरकार के आदेशा अनुसार दसवीं तक के छात्रों के स्कूली बैग का भार अब 5 किलोग्राम तक निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार के आदेशों के अनुसार शिक्षा विभाग के अधीन आने बाले सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में यह मापदंड लागू होंगे।

भारत सरकार मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में पहली व दूसरी कक्षा में पढने बाले बच्चे के स्कूली बैग का भार डेढ़ किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। तीसरी से पांचवीं में पढने बाले बच्चे के स्कूल बैग का भार 2.3 किलोग्राम, छठी से सातवीं के छात्रों के बैग का भार चार किलोग्राम, आठवीं व नौवीं के छात्रों के स्कूली बेग का भार 4.5 किलोग्राम जबकि दसवीं कक्षा के छात्रों के स्कूली बैग का भार 5 किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

केंद्र सरकार ने बच्चों पर पद रहे पढाई व स्कूली बैग के बोझ से दबे बच्चपन को इस स्तिथि से उबारने के लिए पहली दफा इस तरह से स्कूलों पर नकेल कसने के लिए नये मापदंड तय कर इन फरमानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए है। वहीं स्कूल प्रशासन को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा की बच्चें तय सीमा से अधिक भार लेकर स्कूल न पहुंचे। भारत सरकार मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि प्रथम व दूसरी कक्षा के छात्रों को अध्यापकों द्वारा होमवर्क भी नहीं दिया जाएगा।

प्रदेश के स्कूलों में नर्सरी व केजी के तीन साल के बच्चे 4 किलोग्राम तक भार प्रतिदिन ढो रहे है

साथ ही पहली व दूसरी कक्षा के छात्रों को भाषा एवं हिसाब विषय के अलावा कोई अन्य एक्स्ट्रा सवजेक्ट देने के लिए बाध्य नहीं करेगा वहीं तीसरी से पांचवी कक्षा के छात्रों को स्कूलों मंं एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के मुताबिक भाषा, हिसाब विषय व ईवीएस सबजेक्ट ही पढाये जायेंगे। छात्रों को स्कूल प्रबंधन अतिरिक्त पुस्तके लाने व किसी प्रकार का अतिरिक्त मिटिरियल लाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। जिससे बच्चों के स्कूली बैग का भार तय नियमों से अधिक हो जाए। स्कूली बैग के बोझ तले बचपन को उबारने के लिए भारत सरकार मंत्रालय ने सभी प्रदेशोंके शिक्षा बोर्डों को इन नये फरमानों को सख्ती से अपनाने के आदेश पारित किये है।

प्रदेश के स्कूलों में नर्सरी व केजी के तीन साल के बच्चे 4 किलोग्राम तक भार प्रतिदिन ढो रहे है। 6 से 7 वर्ष के बच्चे 8 से 10 किलोग्राम वहीं 8 से 11 साल के बच्चे 10 से 16 किलो तक का बैग उठाकर स्कूल पहुंच रहे है। जिससे देश के भविष्य बनने बाले ये बच्चे मानसिक व शरीरिक दबाब के साथ साथ जरूरत से अधिक पढाई की टेंशन में जी रहे है। भारत सरकार के स्कूलों के लिए बनाये गये नये नियमों के अनुसार अब बचपन स्कूली बैग के बोझ तले नहीं दबेगा। वहीं इन फरमानों के बाद छात्रों के चेहरे भी खिले है।

भारत सरकार मंत्रालय द्वारा स्कूली छात्रों के बैग के बोझ निर्धारित करने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अधिसूचना मिलते ही सरकार के इस फरमान की अनुपालना की जायेगी तथा शिक्षा बोर्ड से जुड़े सभी स्कूलों में इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। – देश राज भडवाल प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर

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