cabinet meeting

36 दिन के भीतर पांचवीं कैबिनेट

  • चुनाव से पहले हर काम निपटाना चाहती है सरकार
  • मानवाधिकार आयोग में भल्ला चेयरमैन और तोमर सदस्य होंगे
  • नयना देवी की घवांडल सीएचसी 50 बिस्तर वाला अस्पताल बनी

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
अचानक बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में चार ही मंत्री पहुंच पाए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हुई और फैसले लिए गए। मंत्रियों को सूचना भी सुबह ही उपलब्ध करवाई गई थी। दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री विद्या स्टोक्स, कर्नल धनीराम शांडिल, प्रकाश चौधरी और मुकेश अग्रिहोत्री ही पहुंच पाए। बैठक में राज्य मानवाधिकार आयोग को क्रियाशील बनाने तथा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य के पद भरने का निर्णय लिया गया।

आयोग के अध्यक्ष के लिए न्यायधीश (सेवानिवृत्त) जगदीश भल्ला व सदस्य के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष केएस तोमर का नाम प्रस्तावित किया गया। इस संबंध में राज्यपाल से स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। मंत्रिमंडल ने श्री नयना देवी जी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घवांडल को स्तरोन्नत कर 50 बिस्तरों वाले अस्पताल बनाने को दी मंजूरी।

आवश्यक पदों सहित स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने को मंजूरी दी

बैठक में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने व ऊना जिले के लोहारा (चन्नी देवी) में तीन पदों के सृजन करने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने व कुल्लू के बंजार की ग्राम पंचायत शिल्ही में दो पद भरने के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने को मंजूरी दी। वहीं, बिलासपुर जिले की धौण-कोठी पंचायत के बल्हो व लूहणू कनैता में आवश्यक पदों सहित स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने को मंजूरी दी।

बैठक में रोहडू की ग्राम पंचायत सीमा (रनताड़ी) के स्वास्थ्य उप केंद्र बारटु को तीन पदों के सृजन सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, सोलन जिले की ग्राम पंचायत मांगल के स्वास्थ्य उप केंद्र बाग्गा को आवश्यक पदों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने तथा रामपुर तहसील की ग्राम पंचायत खमाड़ी में गांव खमाड़ी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई।

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार हर काम को निपटाना चाहती है। सितंबर और अक्तूबर माह में अब तक हुई कैबिनेट मीटिंग पर गौर करें तो 36 दिनों में 5 बार कैबिनेट मीटिंग हुई। हालांकि प्रदेश सरकार एक महीने में कम से कम दो और बहुत ही महत्वपूर्ण एजेंडा होने की स्थिति में तीन बैठकें आयोजित करती है, लेकिन ठीक चुनावी शेड्यूल जारी होने से दो माह पूर्व वीरभद्र सरकार ने एक माह 6 दिन में भीतर पांच बैठकें आयोजित की।

इन बैठकों में पांच सितंबर से लेकर मंगलवार की कैबिनेट शामिल हैं। पहले तो रोजगार पर ज्यादा ध्यान था, लेकिन इसके बाद व्यक्तिगत हित के फैसलों की ओर कैबिनेट का रुख हुआ है। चाहे बात मानवाधिकार आयोग में चयन की हो या फिर धार्मिक संस्थाओं को लैंड सीलिंग एक्ट से छूट देने की। ये मसले किसी संस्था या व्यक्ति के लिए थे।

नए पद भरने की मंजूरी

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उप-संपादक के एक पद व आशुटंकक के चार पदों को भरने को मंजूरी प्रदान की। उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में एक पद पंजीयक व पंचायती राज विभाग में पंचायत निरीक्षक का एक पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। बैठक में शेष छह जिलों में कोषाधिकारी का एक-एक पद सृजित व भरने को भी स्वीकृति दी गई।

इतनी जल्दी-जल्दी हुई ये 5 बैठकें

05 सितंबर 2017 : कैबिनेट में सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विभागों में तृतीय श्रेणी के 419 पदों को भरने की मंजूरी दी थी। दूरदराज क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के दर्जे को बढ़ा कर सीएचसी करने का भी फैसला लिया था। इस बैठक में क्लास वन ऑफिसर के पांच पद वह भी स्वास्थ्य विभाग में भरने पर फैसला हुआ था।

18 सितंबर 2017 : इस कैबिनेट मीटिंग में 50 पद मेडिकल ऑफिसर, 104 पद जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और खेल विभाग में 23 पदों को भरने का निर्णय लिया था।

27 सितंबर 2017 : इस बैठक में सरकार ने महिला कर्मचारियों को मेटरनिटी लीव 135 से बढ़ा कर 180 करने का निर्णय लिया था। इसी बैठक में पीटीए शिक्षक जो अनुबंध में नहीं आए थे, उन्हें जनवरी 2015 से एरियर सहित अनंबुध कर्मचारियों के बराबर मानदेय जारी करने का फैसला हुआ था।

04 अक्तूबर 2017 : अक्तूबर माह की पहली बैठक में सरकार ने हैरिटेज टूरिज्म पॉलिसी को मंजूरी दी थी। इस मीटिंग में कैबिनेट ने 135 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को रेगुलर पे-स्केल और पंचायत चौकीदारों को 4000 प्रति माह मोनदेय जारी करने का निर्णय लिया था।

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