eviction temple priest

तहसीलदार कंडाघाट ने लगाया 1.06 लाख का जुर्माना

साधुपुल के समीप अवैध कब्जा कर किया है मंदिर का निर्माण

भूपेंद्र ठाकुर। कंडाघाट
तहसीलदार कंडाघाट ने एक धार्मिक संस्था को सरकारी भूमि से बेदखल करने के आदेश जारी किए हैं। उक्त संस्था के पुजारी ने साधुपुल के समीप 5 बिघा 6 बिसवा जमीन पर अवैध कब्जा कर वहां मंदिर का निर्माण किया है। तहसीलदार कंडाघाट की अदालत ने फैसला सुनाते हुए उक्त जमीन और मंदिर को सरकार के अधीन किए जाने के लिए उपायुक्त सोलन को भी लिखा है।

मंदिर के पुजारी को 1.06 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जानकारी के अनुसार मई, 2017 में पंचायत प्रधान द्वारा तहसीलदार कंडाघाट की अदालत में अवैध कब्जा किए जाने का मामला दर्ज करवाया गया था। इसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पाया गया कि सरकारी जमीन पर एक पुजारी ने अवैध कब्जा कर मंदिर का निर्माण किया है। इसके इसके बाद कब्जा हटाए जाने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन प्रशासन कब्जा हटाने में विफल रहा।

हालांकि मंदिर के पुजारी की तरफ से अदालत में दलील दी गई थी, जिस जमीन पर मंदिर बना है वह शामलात जमीन है और स्थानीय ग्रामीणों ने इस बारे में बयान भी दिए हैं। तहसीलदार के फैसले के खिलाफ मंदिर के पुजारी एसडीएम कंडाघाट की अदालत में भी जा सकते हैं। तहसीलदार कंडाघाट ओपी. मेहता ने बताया कि साधुपुल के समीप मंदिर के पुजारी को बेदखली के आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी जमीन से कब्जा छोडऩे के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में उपायुक्त सोलन को लिखा गया है कि उक्त मंदिर व जमीन को प्रशासन अपने कब्जे में लें।

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