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विधवा महिलाओं के जबरन काट दिए बाल

  • धुंधन में सूत्रा संगठन के समक्ष आया मामला
  • परिवारों की काउंसलिंग करने में जुटा है संगठन

दीपिका शर्मा। शिमला
बेटा पैदा करने की रूढ़ीवादिता की जंजीरों से हिमाचल न जाने कब बाहर निकल पाएगा लेकिन प्रदेश में महिलाओं के साथ संकरी सोच का एक और खुलासा सामने आया है। अर्की के धुंधन क्षेत्र की दो विधवा महिलाओं के जबरन बाल काटे गए हैं। नारी संगठन द्वारा धुंधन में लगाए गए महिला जागरुकता शिविर मेंं यह मामले सामने आए और सूत्रा संगठन ने यह मामले दर्ज कर लिए हैं। बताया गया है कि पति की मौत के बाद दो महिलाओं के जबरन बाल काट दिए गए हैं।

यही नहीं उनकी जब चूडिय़ां तोड़ी गई तो उन्हें उस दिन के बाद सफेद क पड़े पहनने और बिंदी चूड़ी का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी गई। इसमें एक महिला की उम्र 22 और दूसरी महिला 35 वर्ष की है। महिलाओं ने अपने बाल नहीं काटने का काफी आग्रह परिवार वालों से किया। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई और उनके बाल काट दिए गए।

सूत्रा संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामले चौंकाने वाले हैं और अभी इन दोनों मामलों में दोनों ही परिवारों के सदस्यों की काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। जिसमें उन्हें महिला उतपीडऩ के अपराध और उसकी सजा के बारे में बताया जा रहा है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भेजा जाएगा केस

धुंधन में सामने आए इन मामलों की केस स्टडी महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भेजी जा रही है। सूत्रा के मुताबिक ऐसे मामले हिमाचल में अपने पैर नहीं पसार पाएं, इसके लिए विभाग के जागरुकता कार्यक्रम में इन मामलों पर विचार-विमर्श करना जरूरी है। इस केस को महिला आयोग को भी भेजा जा रहा है।

धुंधन से विधवा महिलाओं के बाल काटने के मामले प्रकाश में आए हैं। केस स्टडी करके काउंसलिंग शुरू क र दी गई है। विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम होने के बावजूद ऐसे मामले चौंकाने वाले हैं। इस पर ध्यान देना जरूरी है। -निर्मल चंदेल, राज्य समनवयक, सूत्रा संगठन

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