pandit sukhram grand son

सुखराम के पोते से हुई बातचीत के मुख्य अंश

राजनीतिक पुरोधा कहे जाने वाले पंडित सुखराम का दबदबा और जिला से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के होने के चलते इस बार लोकसभा चुनावों में मंडी को ही सबसे हॉट सीट माना जा रहा है। अन्य लोकसभा सीटों के साथ-साथ मंडी को भी जीतने के लिए भाजपा पूरी तरह से फोकस करेगी। यह कहना भी कोई अतिश्यिोक्ति नहीं होगा कि मंडी में भाजपा की अप्रत्याशित जीत के पीछे सुखराम फैक्टर ने खासा काम किया है।

यह अलग बात है कि अब कई भाजपाई इसे मोदी लहर भी बता रहे हैं, लेकिन लोगों की राय मानें तो अब भी सुखराम के प्रभाव को कम नहीं आंका जा सकता है। यह बवाल तब शुरू हुआ जब सुखराम ने अपने पोते के लिए लोकसभा टिकट की पैरवी करनी शुरू कर दी।

बहरहाल मंडी संसदीय क्षेत्र में इस मसले को लेकर भाजपा क्या निर्णय लेती है यह बाद की बात है, लेकिन सुखराम के पोते जब हमीरपुर में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे तो हिमाचल दस्तक के जिला ब्यूरो चीफ सुरेंद्र कटोच ने आश्रय शर्मा के साथ इसी मसले पर बातचीत की। प्रस्तुत हैं मुख्य अंश-

आपके दादाजी पंडित सुखराम आपके लिए भाजपा से टिकट मांग रहे हैं। क्या आप भी सहमत हैं?

-दादाजी मंडी सीट को सौ प्रतिशत भाजपा को ही दिलवाना चाहते हैं। सबसे उपयुक्त क्या हो सकता है, इसलिए वे इस बात को कह रहे हैं। मैं निसंदेह दादाजी के जो भी सपने अधूरे रह गए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए कृतसंकल्प हूं। यह भी दावा है कि दादा जी की तरह लंबी पारी खेलने से पीछे नहीं हटूंगा। टिकट किसे देना है यह पार्टी हाईकमान तय करेगी। जो भी पार्टी के आदेश होंगे, मैच उसे पूरा करने में कोई कसर नहीं छोडं़ूगा।

राजनीति में आप सबसे ज्यादा किससे प्रभावित है?

-स्वभाविक है कि मैं अपने दादाजी से प्रभावित हूं। उनकी कार्य करने की शैली और सोच ने हमेशा विकास को नई दिशा दी है, अन्यथा संचार क्रांति में देश कहां खड़ा होता। आज देश में इसी क्रांति के चलते लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। मंडी संसदीय क्षेत्र में भी दादाजी के कुछ सपने अधूरे रह गए है, जिनकी वे अकसर चर्चा करते रहते हैं। मैं उन्हीं सपनों को भी पूरा करूंगा और विकास की नई गाथा भी लिखूंगा।

क्या आप परिवारवाद के चलते ही राजनीति में भविष्य देख रहे है?

-पिछले करीब 14 साल से समाजसेवा में लगा हुआ हूं। लोगों की हमेशा निस्वार्थ सेवा की है। मंडी का विकास ही मेरा उद्देश्य है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि मैं परिवारवाद के चलते राजनीति में भविष्य को देख रहा हूं। मुझे भी फक्र है कि मैं पंडित सुखराम का पौत्र हूं। दादाजी हमेशा विकास की बात करते हैं। यही वजह है कि मंडी की जनता के साथ हमारे परिवार का भावनात्मक रिश्ता रहा है और लोगों ने इस रिश्ते को अकसर बखूबी निभाया है। मैं लोगों के साथ चल रहे इस रिश्ते बरकरार तो रखना ही चाहता हूं बल्कि इसे अधिक गहरा भी करना चाहता हूं।

आप मंडी की बात कर रहे हैं। आपके पिता अनिल शर्मा प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, क्या वो मंडी के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं?

-नहीं ऐसा नहीं है। पिताजी ने पिछले दस साल से मंडी विधान सभा को एक मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित किया है, लेकिन मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए जो सोच है, उसे मैं आगे बढ़ाना चाहता हूं। कई ऐसी योजनाएं होती हैं, जिन्हें केंद्र से लाया जाता है। मेरे जहन में संसदीय क्षेत्र के लिए एक विस्तृत कार्य योजना है, जिसके लिए प्रयासरत रहूंगा।

क्या आप टिकट को लेकर आश्वस्त हैं?

-किसी जल्दबाजी में नहीं हूं, परंतु यकीन मानिए सोच केवल विकास एवं जनता की सेवा के लिए ही रहेगी।

यह भी पढ़ें – हरिपुर-गुलेर विकास बोर्ड बनाएंगे

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams


[recaptcha]