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Piously celebrated religious interaction in Khanpur

सुलिंद्र सिंह, संतोषगढ़। नगर परिषद संतोषगढ़ के तहत खानपुर के डेरा बाबा गोविंद दास में शनिवार को सालाना भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान डेरा बाबा में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक समागम में संत महापुरुष व कथा वाचक पहुंचे। सभी ने आई हुई संगत को आने कीर्तन से सतगुर की वाणी से जोड़ा।

शनिवार को डेरा बाबा गोविंद दास खानपुर के इस कार्यक्रम में   तेरे झंडे दा होवे सत्कार धन बाबा गोविंद दास जी मास्टर बलदेव सिंह के शब्द ने डेरे में पहुंची संगत को इस राग को मुंह में गुनगनाने पर मजबूर कर दिया। बहुत जन्म बिछड़े थे माधो इह जन्म तुम्हारे लेखे, मैं सुणी साईयां वे साधु जग ते कदे नी जांदे इह रूप बदलके आंदे जोत तां ओहि है, कर्मा दे मारिया नूं चरनी ला लो, रब उणां दी बुकल विच वसदा मिठे जेहड़े बोल बोलदे, मोहे न विसारो में जन तेराए तेरा चम नी किसे कम आना पशुयां दे हड विकदे सहित अन्य भजनों से भक्तों को निहाल कर दिया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के जज डॉ नवनीत शर्मा ने भी खानपुर में नतमस्तक हुए ।

गद्दी नशीन संत बाबा रविंद्र दास ने बताया है कि यह सलाना भंडारा पिछले लगातार 107 वर्षो से करवाया जाता है। इस धार्मिक समागम में पंजाब व हिमाचल प्रदेश के संत महापुरुष पहुंच रहे हैं। इस मौके पर संत बाबा चरणजीत सिंह, राम किशन, गुरमुखानंद, चंदन दास, रमेश दास,  कमलजीत सिंह, सतनाम सिंह, राम किशन, बीबी मीना, हरबंसी देवी, गुरदियाल, हरदेव सिंह, दयानंद, शाम सुंदर, राम, गोल्डी, जसविंद्र सिंह सहित अन्य संत महापुरुष विशेष रुप से मौजूद रहे।

बाबा जी ने बताया है 13 जून को गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ आरंभ किया गया था। शनिवार को सुबह गुरु ग्रंथ साहिब पाठ का भोग डाला गया। उसके निशान साहिब की रस्म अदा की गई। इसके पश्चात कीर्तन दरबार सजाया गया, जिसमें संत समाज ने अपने कीर्तन द्वारा आई हुई संगत को गुरु की बाणी से जोड़ा। बाद दोपहर गद्दी की रस्म अदा की गई । इस मौके पर बाद दोपहर के गुरु का लंगर बरताया गया।

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