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वीरभद्र सिंह बोले एम्स के लिए हमने दी है जमीन

मोदी ने कटाक्ष किया राजघराने से दी है क्या?

राजेश मंढोत्रा। बिलासपुर

इसे चुनावी तनाव नहीं तो और क्या कहेंगे? मंगलवार को बिलासपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की दी किन्नौरी हरी टोपी का मान तो रख लिया, लेकिन शब्दों में उन्हें नहीं बख्शा। लुहणू क्रिकेट स्टेडियम में वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से उतरते ही मोदी सबसे पहले एम्स और ट्रिपल आईटी का शिलान्यास और कंदरोड़ी स्टील प्लांट का लोकार्पण करने इंडोर स्टेडियम में गए। यहां उनके साथ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, जेपी नड्डा, प्रेम कुमार धूमल, अनुराग ठाकुर आदि कई नेता थे।

CM वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किन्नौरी हरी टोपी पहनाकर किया। मोदी ने पूरे सम्मान के साथ इसे पहना और हाथ जोड़कर अभिभावन स्वीकार किया। ये सारा दृश्य स्टेज पर स्थापित बैकड्राप स्क्रीन पर रैली में भी लाइव दिखाया गया है, हालांकि साउंड नहीं थी। लोगों को भी लगा कि कहीं PM भी वैसे ही टोपी लौटा न दें, जैसे वीरभद्र सिंह ने जेपी नड्डा के कार्यक्रम में शिमला में मैरून टोपी को पहनने से इनकार कर दिया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जनसभा में आकर भी मोदी ने सीधे मुख्यमंत्री पर हमला किया

इसके बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एम्स के शिलान्यास में हुई देरी की शिकायत शुरू कर दी। CM ने कहा कि इसकी आधारशिला रखने में हुई देरी से वह काफी चिंतित हैं, जबकि हमने कब से इसके लिए जमीन दे रखी है। थोड़ी देर ये बात सुनने के बाद आखिरकार मोदी ने कटाक्ष किया-जमीन क्या राजघराने से दी है? इसके बाद वह ये आश्वासन देते हुए वहां से हट गए कि आप चिंता न करिये, एम्स को हम बनाएंगे। PM की इस हाजिरजवाबी से निरुत्तर वे नेता भी हो गए जो अगल बगल में खड़े होकर ये बातचीत सुन रहे थे।

इस दौरान धूमल, सत्ती, अनुराग PM के साथ थे, जबकि नड्डा भी थोड़ा पीछे रहकर सब सुन रहे थे। ये दृश्य लोग भी स्टेज पर लगे टीवी पर साफ देख रहे थे। बाद में जनसभा में आकर भी मोदी ने सीधे मुख्यमंत्री पर हमला किया। हालांकि इससे पहले धूमल, नड्डा और शांता कुमार में से किसी ने वीरभद्र सिंह को लेकर एक शब्द नहीं बोला था। गौरतलब है कि इस शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने लुहणू में ही स्पोट्र्स होस्टल में रुककर PM का भाषण सुना। और जब वह ढाई बजे वापस लौटे तो वहीं से उन्हें विदा किया। इसके बाद सीएम का हेलिकाप्टर भी सुन्हाणी से लुहणू आया और वहीं से शिमला के लिए उड़ गया।

 

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