ration card

खाद्य आपूर्ति विभाग ने वापिस मांगे Ration card

हिमाचल दस्तक,हमीरपुर।। डिजिटल भारत अभियान के तहत शुरू हुए प्रोग्राम अब दबी सच्चाई पर पड़े पर्दे को हटाने लग पडे हैं। हमीरपुर में 20 फीसदी डिजिटल Ration card का अब कोई भी मालिक नहीं मिल रहा है। डिपो धारको के पास राशन कार्ड जमा हुए। इसकी ऐवज में नए डिजिटल कार्ड बन गए।

  • 20 फीसदी डिजिटल राशन कार्ड के नहीं मिल रहे मालिक
  • डिपो होल्डर परिवार के मुखिया को ढूढंने में नाकाम
  • 23 हजार राशन कार्ड फर्जी होने की आशंका

करीब 1 लाख 35 हजार राशन कार्ड विभिन्न डिपूओं में वितरण के लिए भेजे गए। इनमें से 23 हजार राशन कार्ड का कोई भी मालिक नहीं है। डिजिटल राशन कार्ड के साथ आधार लिंक किया गया है। लिहाजा 23 हजार राशन कार्ड के फर्जी होने की आशंका शंका जाहिर हो रही है।

उक्त परिवार के सदस्यों को ढूढंने की कोशिश

हालांकि विभाग अभी भी राशन कार्ड के उपभोक्ताओं तक कार्ड पहुंचाना चाहता है। डिपों धारको तक पहुंचाए गए राशन कार्ड को लेने के लिए जब कोई भी आगे नहीं आया तो उक्त परिवार के सदस्यों को ढूढंने की कोशिश अब की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कोशिश नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में विभाग ने डिपो धारको को अब निर्देश जारी किए है कि बचे डिजिटल राशन कार्ड को विभागीय निरीक्षक के पास जमा करवा दें। यहां से यह कार्ड शिमला भेजे जाएंगे। 23 हजार राशन कार्ड पर फर्जी होने की आशंका इसलिए जाहिर हो रही है क्योंकि पहले राशन कार्ड के साथ कोई भी प्रत्यक्ष प्रमाण पत्र नहीं लगता है।

पंचायत प्रतिनिधियोंं की मिली भक्ति से बनते थे अलग-अलग राशन कार्ड

पंचायत प्रतिनिधियोंं की मिली भक्ति के चलते एक ही परिवार के अलग-अलग राशन कार्ड बना दिए जाते थे। जब सरकार ने सस्ते राशन की योजना शुरू की तो ऐसे फर्जी राशन कार्ड की संख्या बढ़ गई। हालांकि इसके लिए सरकार ने मांपदंड़ निर्धारित कर दिए। बावजूद इसके फर्जी राशन कार्ड बनना बंद नहीं हुए। इस पर नियंत्रण करने के लिए निरीक्षण अभियान शुरू हुए। इस दौरान भी कई राशन कार्ड रद़द किए गए। अब डिजिटल राशन कार्ड बनने का वक्त आया। पुराने राशन कार्ड जमा हो गए। फर्जी राशन कार्ड उपभोक्ता इस नई पॉलिसी से अनभिज्ञ थे। लिहाजा उन्होंने पुराने राशन कार्ड जमा करवा दिए। जब इसके साथ आधार नंबर लिंक हो गया तो इस कार्ड को लेने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है।

वह उपभोक्ता जिनके द्वारा बाहारी राज्यों में नौकरी की जा रही

इसमें यह तो स्पष्ट है कि यह ऐसे उपभोक्ता है जिनके राशन कार्ड अन्य जिला या बाहरी राज्यों में भी बने हुए है। ऐसे में अब वह एक ही कार्ड लेकर खुद को कार्रवाई की जद से बचाना चाहते है। यह वह उपभोक्ता है जिनके द्वारा बाहारी राज्यों में नौकरी की जा रही है। यहा पर अपने परिवार के साथ भी वह पंजीकृत है तथा रिजक वाले स्थल पर भी अपना कार्ड बनाए हुए है। लेकिन अब उनकी यह आदत सुधर गई है। यही कारण है कि वह एक ही कार्ड लेकर मौन हो गए है।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams