rewalsar lake

प्रशासन से इन अवैध कब्जो को हटाने की मांग

हिमाचल दस्तक। रिवालसर
झील परिसर से कथित अवैध खोखों को हटाने की नगर पंचायत के फरमान का खोखा धारकों ने भी स्वागत किया है। इन खोखा धारकों ने उक्त नगर पंचायत के निर्णय पर सवाल उठाते हुए साथ में कहा है कि अगर पवित्र झील और पर्यावरण को इनसे नुकसान होता है तो नगर पंचायत जब मर्जी इन खोखों को उठाएं हमारा कोई विरोध नहीं है। परंतु झील के पर्यावरण को इन खोखों के साथ रेहड़ी.फहड़ी वाले ओर धर्म की आस्था के नाम पर सरकारी भूमि में लगाए जा रहे रंगीन झंडों तथा नगर पंचायत की मिलीभक्ति से बनाए गए पक्के अवैध खोखे भी तो झील की पवित्रता और पर्यावरण के लिए बराबर जिम्मेवार है।

अगर प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों को पवित्र झील की सच में गहरी चिंता है तो इन्हें भी झील परिसर से हटाने का फरमान जारी करें। खोखा धारक सुनील कुमार, रूप लाल, शिव कुमार, कुलदीप, वेसर राम, चेत राम आदि लोगों ने प्रैस को लिखित जारी व्यान में नगर पंचायत पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ नगर पंचायत बेरोजगार लोगों का रोजगार छीनने पर तुली हुई है।

रेहड़ी फहड़ी लगाने की जगह आबंटित की जाये

जिनके पास दुकाने नहीं है। दूसरी तरफ ऐसे लोगों को रेहड़ी फहड़ी और पक्के खोखे बनाने और चलाने की इजाजत दे रखी है। जिनमें से कुछ लोगों ने सरकार द्वारा बनाई गई दुकानों पर कब्जा भी कर रखा है। उनमें से कई रेहड़ी. फहड़ी धारकों ने अपनी पक्की दुकानें किराए पर भी दे रखी है। इनमें से कुछ खोखा धारकों ने तो अपनी मर्जी से इन खोखो का आकार भी बढ़ा दिया है।

उपरोक्त खोखा धारकों ने नगर पंचायत से लिखित में अपील की है कि केवल स्थानीय पात्र व्यक्तियों को ही खोखा तथा रेहड़ी फहड़ी लगाने की जगह आबंटित की जाये तथा जिन व्यक्तियों ने अपनी मर्जी से अबैध अतिक्रमण कर रखा है। उनके विरुद्ध भी कड़ा संज्ञान लिया जाए। उपरोक्त विषय पर नगर पंचायत के अध्यक्ष लाभ सिंह ठाकुर ने खोखा धारकों को न्याय का भरोसा दिया है।

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