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shanta kumar

उन्होंने कहा कि गरीबी जात-पात नहीं पूछती

हिमाचल दस्तक। पालमपुर
कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद शांता कुमार ने कहा कि देश में आर्थिक आधार पर सवर्ण जातियों के आरक्षण का निर्णय ऐतिहासिक है और 70 वर्षों की कमी को पूरा करने वाला है। उन्होंने कहा कि गरीबी जात-पात नहीं पूछती। सभी जातियों में गरीब अति गरीब हैं। यह दुर्भाग्य की बात है कि आज़ादी के 70 साल बाद भी देश में 20 करोड़ लोग भूखे सोते हैं।

प्रेस को जारी बयान में शांता कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में भुखमरी समाप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास कार्यक्रम में सवर्ण जातियों के गरीब पिछड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि यह 10 प्रतिशत आरक्षण इन जातियों को अत्यधिक राहत देगा।

शांता कुमार ने कहा कि आज से चार दशक पूर्व जब वे हिमाचल के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने भी अंत्योदय के माध्यम हिमाचल में आर्थिक आधार पर आरक्षण की कोशिश की थी। प्रथम चरण में 20 हजार परिवार चुने गए थे, जिनमें सभी जातियों के अति गरीब लोग थे। इन गरीब परिवारों में 40 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से उपर एक साल में उठ गए थे।

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