Banks backdoor recruitment

सरकार ने पार्टटाइम वर्कर रखने की नीति पर रोक लगाई भर्ती आयोग से

  • होगी और नियमितीकरण सरकारी नियमों से
  • पांच सहकारी बैंकों के लिए आरसीएस ने जारी किए निर्देश

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
राज्य के सहकारी बैंकों में अब बैकडोर भर्ती का रास्ता बंद हो गया है। रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं ने एक पत्र जारी कर पार्ट टाइम वर्कर रखने की नीति पर रोक लगा दी है। यह निर्देश पांच सहकारी बैंकों को जारीहुए हैं। इनमें राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, स्टेट को-आपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवेल्पमेंट बैंक, जोगिंद्रा सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक और कांगड़ा प्राइमरी को-आपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवेल्पमेंट बैंक शामिल हैं। रजिस्ट्रार डॉ. अजय शर्मा ने कहा है कि सहकारी बैंकों में अब पार्ट टाइम वर्कर के तरीके से कोई भर्ती नहीं होगी।

बैंकों में किसी भी तरह की भर्ती या तो लोक सेवा आयोग से होगी या कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से। इस बारे में जयराम सरकार ने हाल ही में विधानसभा में विधेयक लाकर फैसला लिया है। भर्ती किए जाने वाले कर्मचारियों का अनुबंध और रेगुलराइजेशन दोनों राज्य सरकार के नियमों के अनुसार होगी। इससे पहले पूर्व कांग्रेस सरकार के समय राज्य सहकारी बैंक और केसीसी में सरकार की अनुबंध नीति का पालन नहीं हुआ है।

अब रजिस्ट्रार ने कहा है कि इन बैंकों में भी वित्त और कार्मिक विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरश: अनुपालना होगी। गौरतलब है कि सहकारी बैंकों की भर्ती कई बार विवादित रही है। इसी से संबंधित एक केस में पूर्व सचिव सहकारिता पी. मित्रा और कुछ अन्य बैंक अफसरों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश विजिलेंस को भी गई है। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय राज्य सहकारी बैंक और केसीसी की भर्तियां इतनी विवादित रही थीं कि भाजपा ने अपनी चार्जशीट में इन भर्तियों को शामिल किया था।

सहकारी बैंक ने भर लिए 24 कर्मचारी

नए निर्देश जारी करने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि पूर्व कांग्रेस सरकार की तरह वर्तमान भाजपा सरकार के समय भी राज्य सहकारी बैंक शिमला ने पार्टी टाइम वर्कर प्रावधान के तहत 24 कर्मचारी गुपचुप रख लिए। इनमें कुछ कर्मचारी मंडी से भी थी। इसके बाद सरकार के माध्यम से अफसरों पर इन्हें कंटीन्यू करने का दबाव बनाया गया। कार्मिक विभाग से आई राय के बाद आरसीएस ने इस शर्त के साथ इसकी अनुमति दे दी कि भविष्य में इन कर्मचारियों को लेकर कोई छूट नहीं दी जाएगी।

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