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school time table

सर्दियों में 9 के बजाय 10 बजे स्कूल खोलने पर विचार

छुट्टियों और खेल का शेडयूल भी अब नए सिरे से बनेगा

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों का टाइम टेबल बदल सकता है। खासकर ग्रीष्मकालीन स्कूलों का सर्दियों के मौसम में स्कूल खोलने का समय सुबह 9 बजे की बजाय 10 बजे किया जा सकता है। इसी तरह स्कूलों के खेल कैलेंडर में भी बदलाव होगा, ताकि बरसात के दौरान खेलें न आएं। गौर हो कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत स्कूलों खुलने की टाइमिंग और छुट्टियों के शेड्यूल को बदलने को लेकर शिक्षा विभाग ने सभी उच्चतर विभाग के उपनिदेशकों से संबंधित जनप्रतिनिधियों के सुझाव मांगे थे।

हालांकि अभी सभी उपनिदेशकों से विभाग को सुझाव लिखित तौर पर नहीं सौंपे हैं, लेकिन ग्रीष्मकालीन उपनिदेशकों के पास आए जनप्रतिनिधियों के सुझाव में यह सामने आया है कि सर्दियों के मौसम में ग्रीष्मकालीन स्कूलों के टाइम टेबल को बदला जाए। जिसमें यह समय सुबह नौ बजे से ये समय दस बजे किया जाए।

ठंड के दिनों में बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल रहता है

वहीं ग्रीष्मकालीन अवकाश को 26 जून से 31 जुलाई के स्थान पर प्रतिवर्ष 15 जुलाई से 31 अगस्त करने के सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। हालांकि इस मसले को लेकर शिक्षा विभाग में वीरवार को भी एक बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें उपनिदेशकों को रिपोर्ट लिखित तौर पर जल्द विभाग को सौंपने के लिए कहा गया है। फिलहाल समयसारिणी पर गौर करें तो ग्रीष्म कालीन स्कूलों में सर्दियों के मौसम में सुबह 9 बजे से तीन बजे की टाइमिंग तय की गई है। ठंड के दिनों में बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल रहता है।

गौर हो कि इसे लेकर अध्यापक संघों ने भी सुझाव उपनिदेशकों को सौंप दिए हैं। जिसमें टाइम टेबल को बदलने की मांग प्रदेश के मौसम के अनुरूप करने के सुझाव आए हैं। प्रदेश उच्चतर शिक्षा संहिता 2012 के अनुच्छेद 28.1 बी के तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों की समयसारिणी में स्कूल खुलने का समय सुबह नौ से तीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश 26 जून से 31 जुलाई तक किया गया है। जिसे अब बदलने पर विचार चल रहा है।

विस में उठा था खेल कैलेंडर का मसला

हाल ही के विधानसभा मानसून सत्र में कुछ विधायकों ने सरकार को फीडबैक दिया था कि बरसात के दिनों में स्कूलों में टूर्नामेंट चल रहे हैं। बारिश होने के कारण ये खेल पूरे नहीं हो पा रहे हैं। दूसरी ओर बच्चों के लिए जान का खतरा भी बरसात के कारण रहता है। हाल ही में मंडी जिला में स्कूली खेलों के लिए आए छात्र की डूबने से मौत भी हुई थी। शिक्षा मंत्री ने कहा था कि वे इस मसले को खेल विभाग के साथ बैठकर सुलझाएंगे।

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