Scrub Typhus

Scrub Typhus से बचाव के लिए एहतियात जरूरी: डॉ. गुलेरी

हिमाचल दस्तक, धर्मशाला।। बरसात में कई बीमारियांअपने पांव पसार लेती हैं। Scrub Typhus उनमें से एक है। आमतौर पर बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीडि़त रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। इसीलिए लोगों को बरसात के दिनों में होने वाली बीमारियों से सावधान रहना चाहिए। बरसात के दिनों में फैलने वाली एक बीमारी हैै स्क्रब टाइफस। स्क्रब टाइफस ज्वर खतरनाक जीवाणु जिसे रिकेटशिया यानि संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाडिय़ों व घास में रहने वाले चूहों से पनपता है।

यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में करता है प्रवेश

यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है, जिससे स्क्रब टाइफस बुखार होता है। वैसे तो यह इतना खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर समय रहते इसका उचित इलाज नहीं किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। डॉ.  राजेश गुलेरी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार जो 104 से 105 डिग्री, जोड़ों में दर्द, कंपकपी के साथ बुखार, अकडऩ या शरीर का थका हुआ लगना,  अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजुओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना स्क्रब टाइफस के लक्षण हो सकते हैं।

घर के आसपास घास या झाडिय़ां न उगने दें

ऐसे किसी भी लक्षण पर मरीज को नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवा लेनी चाहिए। डॉ. गुलेरी का कहना है कि बरसात के दिनों में जंगली पौधे खुद व खुद उगने लगते हैं। इसीलिए घर के आसपास घास या झाडिय़ां न उगने दें। खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढक कर रखें। अगर 2-3 दिन से अधिक समय तक बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक से मिलें और रक्त जांच जरूर करा लें। जिलाधीश सीपी वर्मा का कहना है कि लोगों को स्क्रब टाइफस और अन्य जीवाणु तथा वायरस जनित रोगों से बचाव को लेकर शिक्षित एवं जागरूक करने पर बल दिया जा रहा है।

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