SDM Choupal slams EC, opens heavy EVM room

चुनाव आयोग ने पद से हटाया, डीसी शिमला से भी जवाब तलब , डायरेक्ट आईएएस ने कोर्ट लगाने के नाम पर खुलवा दिया ताला

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : बिना अनुमति ईवीएम स्टोर रूम खुलवाने वाले एसडीएम चौपाल मुकेश रेपस्वाल पर चुनाव आयोग की गाज गिरी है। आयोग ने उन्हें पद से हटाने के आदेश दिए और इन आदेशों पर अमल करते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार को उन्हें चौपाल से बदलकर शिमला सचिवालय में विशेष सचिव एजुकेशन लगा दिया। हालांकि इसके आगे की कार्रवाई अभी नहीं हुई है। इन्हें चार्जशीट किया जा सकता है।

चौपाल में एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार फिलहाल तहसीलदार को दिया गया है। इसी घटना में डीसी शिमला अमित कश्यप से भी चुनाव आयोग ने जवाब तलब किया है कि उन्होंने समय रहते संबंधित अफसर पर कार्रवाई क्यों नहीं की? रिकार्ड से पता चला है कि डीसी ने चार बार रिपोर्ट सरकार और राज्य के तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी थी, लेकिन संभवतया डायरेक्ट आईएएस होने के कारण अफसर को कार्रवाई से कुछ अफसरों ने बचाया। इस लोकसभा चुनाव में आयोग से की गई ये पहली कार्रवाई है।

दरअसल 3 अक्तूबर, 2018 को पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने डीसी शिमला के नोटिस में लाया था 2015 बैच के अफसर और एसडीएम चौपाल ने उस कमरे को ईवीएम स्टोर करने वाले कमरे को ये कहते हुए खुलवा दिया था कि उन्होंने वहां कोर्ट लगाना है। इस पर डीसी शिमला से रिपोर्ट मांगी गई। डीसी ने 5 अक्तूबर को रिपोर्ट भेज दी, जो पूरी तरह एसडीएम के खिलाफ थी। साथ ही डीसी ने इन ईवीएम की नए सिरे से फस्र्ट लेवल चेंकिग करने के लिए भी आयोग को लिखा, जिसका समय पर जवाब तक नहीं दिया गया।

 क्या पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी आएंगे लपेटे में?

इस केस में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल के हस्तक्षेप से फिलहाल डीसी अमित कश्यप तो कार्रवाई से बच गए हैं, लेकिन क्या पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत जिम्मेदारी की दायरे में आएंगे? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने ही एसडीएम चौपाल के खिलाफ आई रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की, उल्टे डीसी को कहा था कि ये रिपोर्ट संबंधित अफसर के खिलाफ है, इसे थोड़ा हल्का किया जाए। और तो और एडीएम लॉ एंड आर्डर और एडिशनल सीईओ की जांच में भी ये साबित हो गया था कि एसडीएम ने कई बार ये कमरा खोला था।

 दफ्तर के कर्मियों ने हीबनाया था एसडीएम का वीडियो

एसडीएम चौपाल मुकेश रेपस्वाल के खिलाफ उनके दफ्तर के ही कुछ कर्मचारियों ने ताला खोलने वाला वीडियो बनाया था। एसडीएम ने वहां ज्वाइन करने के बाद दो कर्मचारियों को चार्जशीट करवाया था। इसी खुन्नस में इन्होंने एसडीएम की एक गलती का वीडियो बनाया और इसे वायरल कर दिया। लेकिन पूर्व सीईओ के रहते हुए एसडीएम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीसी ने सारी घटना से मुख्य सचिव को भी अवगत करवाया था, लेकिन तब किसी ने कदम नहीं उठाया। अब जब निर्वाचन विभाग में बदलाव हुआ तो ये मामला आयोग के ध्यान में लाया गया।

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