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SDM office does not concern court orders

फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना बच्चों को सफर करवा रही स्कूल बसें , आईडी पासवर्ड आने के बाद भी नही हुआ समाधान

देवेंद्र सूद, गगरेट-। निजी स्कूलों की बसों में सफर करने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भले ही प्रदेश हाई कोर्ट संजीदा हो और छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण आदेश जारी करता रहे। लेकिन उन आदेशों को लेकर सरकारी अधिकारी संजीदा नहीं है। कई स्कूल बसें हादसों का शिकार हो चुकी है, लेकिन सरकारी अधिकारियों की लापरवाही का आलम थमने का नाम नहीं ले रहा। एसडीएम कार्यालय अंब द्वारा बच्चों कि सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आई है। कार्यालय के अधिकारी कोर्ट के आदेशों के बावजूद बच्चों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहें।

प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर जिला ऊना में निजी स्कूल बसों में सुरक्षा की दृष्टि से जीपीएस डिवाइस लगाने का क्रम शुरू हुआ। परिवहन विभाग द्वारा बकायदा जिला स्तर पर बैठक कर निजी स्कूल संचालको को जीपीएस डिवाइस लगाने के लिए कहा गया।  आदेशों का पालन करते हुए कई स्कूल संचालकों ने डिवाइस लगवा लिए, लेकिन उसके पश्चात विभाग द्वारा दलील दी गई कि स्कूल बसों में वही डिवाइस लगाए जाएं जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो। इन डिवाइस को आरएलए कार्यालयों से अपडेट किया जाना था।

उसके बाद ही निजी स्कूलों की बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होने थें स्कूल संचालकों द्वारा डिवाइस लगाने के बावजूद अभी तक यह जीपीएस डिवाइस अपडेट नही हो पाएं है जिसके चलते उपमंडल अंब के कई निजी स्कूलों की बसें बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही स्कूली छात्रों को सफर करवा रही है।

ऐसे में अगर कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा हालांकि आरटीओ ऊना के कार्यालय में जीपीएस डिवाइस अपडेट हो रहें है, लेकिन एसडीएम कार्यालय अंब स्कूल बसों में सफर करने वाले स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर संजीदा नही लगता। कार्यालय में तैनात अधिकारी व कर्मचारी कई दिनों तक इस समस्या के समाधान को लेकर टालमटोल करते रहें बाद में पता चलने पर यूजर आईडी व पासवर्ड लेने की दलील दी गई।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीएम कार्यालय अंब को यूजर आईडी व पासवर्ड 24 मई को जारी होने के बाद भी कार्यालय के कर्मचारीयों व अधिकारीयों ने जीपीएस अपडेट करने की जहमत नही उठाई। निजी स्कूलों कि बसेें  बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही रोजाना बच्चों को सफर करवा रही हैं। क्या कोई हादसा होने का इंतजार किया जा रहा है या फिर एसडीएम कार्यालय अंब बच्चों कि सुरक्षा को लेकर गंभीर नही है।

क्या कहते हैं एसडीएम

एसडीएम अंब एसतरुल रवीश का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है वह पता करेगी कि जीपीएस अपडेट में आखिर कहां देरी हो रही है।

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