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Section 118: No objection to changing rules, no suggestions

आपत्तियों के लिए 15 दिन का समय दिया था सरकार ने, खत्म हुआ ईसी का झंझट 5 हफ्ते में मिल जाएगी मंजूरी

राजेश मंढोत्रा। शिमला : हिमाचल में भू-सुधार कानून की धारा 118 को लेकर प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया पर तूफान उठता रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसके रूल्स में हुए संशोधन पर जब सरकार ने लोगों से आपत्ति एवं सुझाव मांगे तो एक भी ऑब्जेक्शन नहीं आया।

आपत्तियों के लिए दिया गया 15 दिन का वक्त पूरा होने के बाद मंगलवार को राजस्व विभाग ने इन रूल्स में हुए संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी। यानी यह संशोधन अब लागू हो गया है। इसके तहत सरकार ने धारा 118 का केस तैयार करने के लिए लगने वाले इशैंशियलिटी सर्टिफिकेट यानी ईसी के लिए जरूरी 6 तरह की एनओसी को हटा दिया और धारा 118 की मंजूरी के लिए 3 हफ्ते की समय सीमा भी तय कर दी। यानी अब धारा 118 का केस अप्रूव होगा या रिजेक्ट यह एक महीने के भीतर पता चल जाएगा। राज्य में निवेश के जरिये रोजगार लाने की कोशिश कर रही जयराम सरकार ने उद्योगपतियों को रिझाने के लिए यह बदलाव किया है।

जारी अधिसूचना के अनुसार अब धारा 118 में आवेदन के लिए जरूरी इशैंशियलिटी सर्टिफिकेट में अब 6 विभागों टीसीपी, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, पीसीबी, बिजली बोर्ड, पंचायत से एनओसी नहीं चाहिए होगी। सिंगल विंडो मंजूरी के लिए धारा 118 के तहत क्लीयरेंस के लिए सारा केस ऑनलाइन जाएगा, ताकि न तो निवेशक को दफ्तरों में खुद आना पड़े, न ही इस मंजूरियों में भ्रष्टाचार हो। पहले एचओडी और डीसी को फाइल पर फैसला लेने के लिए एक महीना दिया जाता था, लेकिन अब एचओडी को 15 दिन और डीसी को 7 दिन में आवेदन पर फैसला लेना होगा।

संशोधन के बहाने बढ़ाया उद्योगों का दायरा भी

भू-सुधार नियमों में हुए संशोधन के जरिये सरकार ने अब उद्योगों का दायरा भी बढ़ा दिया है। रूल्स में अब औद्योगिक इकाई शब्द को हटाकर इसकी जगह इन्वेस्टिबल प्रोजेक्ट जोड़ा गया है। यानी अब केवल उद्योग नहीं, बल्कि हर वो कारोबार उद्योग होगा, जिसमें निवेश किया गया हो। पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, शॉपिंग मॉल जैसे कारोबार को भी धारा 118 की मंजूरी के दायरे में लाया जाएगा।

हिमाचल की जमीन बचाने को लाई थी धारा 118

राज्य के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार ने भू-सुधार कानून में धारा 118 को इसलिए जोड़ा था, ताकि हिमाचल की जमीन गैर हिमाचलियों से बची रहे। इस धारा में केवल कुछ उद्देश्यों के लिए गैर हिमाचली यहां जमीन खरीद सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद की प्रोटेक्शन प्राप्त होने के कारण इसे कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। इसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ राजनीतिक मुद्दा बन जाता है।

ईसी की प्रक्रिया को सरल करने के लिए रूल्स में संशोधन की फाइनल अधिसूचना जारी हो गई है। 15 दिन का समय जनरल पब्लिक को दिया गया था। कोई आपत्ति एवं सुझाव नहीं आया।
-राकेश मेहता, संयुक्त सचिव राजस्व

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