rocks falling road

संधोल टिहरा वाया कुज्जाबल्ह मार्ग पूर्णतया बंद

हिमाचल दस्तक। संधोल
भारी गर्मी से जूझ रहे संधोलवासियों ने जहां मानसून की शुरुआती बारिश में राहत की ठंडी सांस ली वहीं भारी बारिश के चलते लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हो गया। संधोल धर्मपुर मार्ग कई जगह चट्टानों के गिरने से बाधित हो गया। इसके अलावा संधोल-सरकाघाट वाया कून चोलंगढ़ मार्ग भी कई स्थानों पर चट्टानों व ल्हासे गिरने से कुछ समय के लिए बाधित रहा। बाद में इन मार्गों को लोक निर्माण विभाग ने चुस्ती दिखाते हुए यातायात के लिए खुलवा दिया। उधर बारिश के कारण संधोल टिहरा वाया कुज्जाबल्ह मार्ग यातायात के लिए पूर्णतया बंद हो गया।rocks

ज्ञात रहे कि यह मार्ग 90 प्रतिशत बक्कर खड्ड में है जिस कारण यह मार्ग हमेशा बरसात के दिनों में बंद हो जाता है। करीब 15 किलोमीटर खड्ड से निकलने वाला मार्ग दयोल, कून, टोरखोला, खजूर्टी, चोलंगढ़, देवगढ़, कुज्जाबल्ह इत्यादि दुर्गम गांवों के लिए जीवन रेखा से कम महत्व नहीं रखता। बरसात के दिनों में इस खड्ड में भयंकर बाढ़ आती है जिसके लिए लोगों में कहावत आम है। बक्कर खड्ड सब खड्डां री रानी, स्याले धुप ना तोंदिया पानी कन्ने बरसाती जान कियां बचानी।

इन दिनों में यहां के लोग बहुत ही कठिन परिस्थितियों में जीवन निर्वाह करते हैं। अगर कोई बीमार, वृद्ध या अपंग व्यक्ति अस्पताल, बैंक, बाजार व तहसील मुख्यालय जाना चाहे तो उसे बड़ी मशक्त करनी पड़ती है। रोचक बात यह है कि यह खड्ड दो राजनीतिक दिग्गजों पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल व 30 वर्षों व 7 बार के विजयी महेंद्र सिंह ठाकुर के गृहक्षेत्र को जोड़ती है। हालांकि संधोल कून मार्ग से इन लोगों की जिंदगी आसान हुई है परंतु कच्ची सड़क, सीमित परिवहन व दुर्गमता इन लोगों के लिए अब भी परेशानी का सबब है।

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