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टौणी देवी में ब्लॉक कार्यालय परिसर में चल रहा है शराब का ठेका

  • परेशान चौकीदार ने डीसी से लगाई गुहार
  • बीडीओ को भी आवास में रहना बना आफत, ग्रामीण भी हो रहे परेशान

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। हमीरपुर
जिला प्रशासन के साफ मना करने के बावजूद टौणी देवी में ब्लॉक कार्यालय परिसर के साथ खोला गया ठेका अब बीडीओ के साथ ही रात को चौकीदार व ग्रामीणों के लिए भी जी का जंजाल बन गया है। रात को हुडंदगियों के कारण बीडीओ अपने सरकारी आवास में नहीं रह पा रहे है, न चौकीदार रात को चौकीदारी कर पा रहा है और न ही ग्रामीण रात को चैन से सो पा रहे है।

आबकारी विभाग के बाद प्रशासन भी लगता है कि बेपरवाह हो गया है और कोई सख्त उदम उठाने से पीछे क्यों हट रहा है, इसे लेकर अब कई प्रश्न उठने लगे है। जिससे प्रशासन के रवैये को लेकर भी लोगों में असंतोष है। टौणी देवी में चौतरफा विरोध के बावजूद लगभग तीन सप्ताह पहले बीडीओ परिसर के साथ टीननुमा शैड में आबकारी विभाग ने शराब का ठेका खोल दिया।

प्रशासन ने भी यहां पर ठेका न खोलने का ऐलान किया था लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए ठेका खोल दिया गया। तहसील, बीडीओ कार्यालय के कर्मी, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण, पंचायत समिति बमसन ठेका स्थल का विरोध कर चुकी है। एसडीएम ने भी उपायुक्त को सौंपी रिपोर्ट में इस स्थल को ठेके के लिए उपयुक्त नहीं बताया था। इस वित्त वर्ष में ठेका न खोलने का ऐलान तक कर दिया था लेकिन इसके बावजूद ठेका खुला तथा अभी तक चल रहा है।

चौकीदार ने उपायुक्त से ठेके को बंद व यहां से हटाने की गुहार लगाई है

खंड विकास अधिकारी को अपने सरकारी आवास में रहना मुश्किल हो गया है। आवास के साथ ही ठेका खोला गया है तथा बीडीओ परिसर से होकर ठेके के लिए एकमात्र रास्ता है। बुधवार रात को भी बीडीओ परिसर की चौकीदारी करने वाले कर्मी को कमरे से बाहर हुड़दंग के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। चौकीदार ने उपायुक्त से ठेके को बंद व यहां से हटाने की गुहार लगाई है। रात को वह परिसर में अकेला होता है तथा शराबी हुड़दंग कर उसे डराते है। कुछ असामाजिक तत्व बीडीओ परिसर के बाहर लगाए गए गेट को बंद नहीं करने दे रहे है।

लोगों को रात को सोना मुश्किल हो गया है तथा लोगों के खेतों में शराब व बीयर की बोतलों के ढेर लग गए है। ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधि पूर्व सीएम, उपायुक्त व एसडीएम से उचित कार्रवाई होने का आश्वसन मिलने के बाद शांत है तथा यहीं रवैया रहा तो वह फिर आंदोलन की राह अपना सकते है। इस संबंध में एसडीएम शिल्पी बेकटा का कहना है कि प्रशासन ने ठेका स्थल को पहले उपयुक्त नहीं माना है तथा यहां पर ठेके को खोलने से मना किया है।

आबकारी विभाग ने अपनी मर्जी से ठेका खोला है तथा कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए आबकारी विभाग जिम्मेदार होगा। वहीं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त कुलभूषण गौतम का कहना है कि विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद ठेका खुला है तथा इसे यहां से बाजार में शिफ्ट करने के लिए विभाग से अनुमति मांगी है,अनुमति मिलते ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

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