CBI

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह प्रकरण

कहा, ड्रेस कोड का तुगलकी फरमान बर्दाश्त नहीं करेंगे कर्मचारी

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

वन रक्षक होशियार सिंह हत्या कांड की CBI जांच की मांग एक बार फिर उठी है। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने कहा है कि यदि प्रदेश सरकार होशियार सिंह मामले में पाक-साफ है तो उसे प्रदेश हाईकोर्ट में CBI जांच के लिए सहमति देने में क्या दिक्कत आ रही है। क्या वीरभद्र सिंह सरकार को इस बात का भय है कि CBI जांच होने की स्थिति में उसके संरक्षण में पल रहे वन माफिया की सच्चाई सामने आ जाएगी।

रहस्यमय परिस्थितियों में हुई हत्या को पुलिस आत्महत्या का नाम दे रही

महासंघ के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, पूर्व महासचिव हेमराज शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष वेद शर्मा, रमेश चौहान और एलआर कौंडल ने कहा कि एक नौजवान कर्मचारी की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या हुई है और हिमाचल पुलिस उसे आत्महत्या का नाम दे रही है। यह अत्यंत शर्मनाक है कि हिमाचल पुलिस, सरकार और वन माफिया के दबाव में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस अपनी ईमानदार और साफ छवि के लिए दुनिया भर में जानी जाती है, किंतु कांग्रेस सरकार के दबाव में हिमाचल पुलिस अपने गौरवशाली इतिहास पर दाग लगा रही है।

पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए डेस कोड जारी करना एक तुगलकी फरमान है। क्या सरकार कर्मचारियों को ड्रेस भत्ता दे रही है। गुलेरिया ने आरोप लगाया कि यह सरासर कर्मचारियों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी पर चोट है। लोकतंत्र में कोई भी सरकार यह तय नहीं कर सकती है कि कर्मचारी क्या पहनेंगे और क्या खाएंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश की आड़ में लिए गए इस प्रकार के निर्णय का कर्मचारी वर्ग पूरी तरह से विरोध करेगा।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams