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किसान सभा के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। पांवटा साहिब

उपमंडल पांवटा साहिब में अपनी मांगों को लेकर हिमाचल किसान सभा के सदस्यों ने SDM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया व तसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में किसानों ने निवेदन करते हुए केंद्र सरकार से कहा की हिमाचल प्रदेश पर्वतीय राज्यों में से एक है। प्रदेश में बहुत कम क्षेत्रफल है जो समतल है। पांवटा साहिब तहसील में 15000 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है जहां पर धान ,मक्की ,गेहूं ,गन्ना पशु चारा व अन्य सब्जियों की खेती की जाती है।

पांवटा तहसील मे 2 -3 सिंचाई नहरे हैं मगर अधिकतर भूमि असिंचित है या निजी बोरवेल व टयूबवेल से ही सिंचाई होती है। भूमिगत जल प्रबंधन बोर्ड द्वारा किसानों को ट्यूबवेल व बोरवेल के पंजीकरण शुल्क को नोटिस दिए जा रहे है। इसमें यदि पंजीकरण नहीं करवाएंगे तो बिजली की सुविधा आदि बंद करने की धमकी भी दी गई है। पंजीकरण की भारी भरकम राशि व प्रति मीटर पर लगने वाली रायल्टी से किसान जो की पहले ही घाटे में है खेती करने को मजबूर है वे और अधिक संकट मे जाने वाले है।

भूमिगत जल प्रबंधन कानून में संशोधन करते हुए किसानों के ट्यूबवेल ,बोरवेल व हैंडपंपों के पंजीकरण शुल्क व रायल्टी से बाहर रखा जाए तथा किसानों को सिंचाई व पेयजल हेतु अनुदान को बढ़ाया जाए। इस से पहले भी हिमाचल किसान सभा के सदस्यों ने एक बैठक करके सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को ले कर चर्चा की थी। इसमें उन्होंने अधिशाषी अभियंता को किसानों को आ रही परेशानी को लेकर बात की व जल्द ही समाधान करने के लिए कहा।

इस दौरान किसान सभा के प्रधान ओमप्रकाश चौधरी व सचिव जगदीश चंद ने सरकार से अपनी मांगों को जल्द मानने का निवेदन किया है। उन्होंने कहा किअगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। प्रदर्शन में दर्जनों किसानों ने भाग लिया।

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