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शिलाई थाना में दर्ज हुआ था ऑनलाइन ठगी का मामला

हिमाचल दस्तक। नाहन
विदेशों में नौकरी का झांसा देकर युवकों को फर्जी ईमेल भेजकर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को सिरमौर पुलिस की एसआईटी टीम ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुडी से दबोच लिया है। यह गिरोह पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन ठगी कर युवकों को लूट रहा है। एसआईटी टीम ने सिलीगुडी से ऑनलाइन ठगी के मुख्य आरोपी सुब्रत सरकार उर्फ रॉकी को गिरफ्तार कर रविवार सायं को नाहन ले आई। इसे सोमवार दोपहर को पांवटा साहिब जेएमआईसी कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एसआईटी टीम को सुब्रत सरकार उर्फ रॉकी के कब्जे से 21 एटीएम, 4 बैंक खातों का विवरण, दो पैन कार्ड, आधार कार्ड व लैपटॉप के अलावा 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इसके गिरोह का मुख्य कार्य फर्जी बैंक खाते व वैबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी मेल भेज कर लूटना है। गिरोह द्वारा विदेशों में नौकरियों के लिए लोगों को लुभाने के लिए नकली ई-मेल भेजी जाती है। जिसके बाद लोगों के खातों से ऑनलाइन ठगी की जाती थी। सुब्रत सरकार को नाहन लाने से पहले पुलिस टीम ने उसे सिलीगुडी की एक अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन का ट्रांजिट रिमांड भी दिया गया है।

परिवार के बारे में खुफिया जानकारी हासिल कर टीम वापस लौट आई

जानकारी के अनुसार शिलाई के एक युवक ने शिलाई पुलिस थाना में 25 नवंबर 2017 को 40 लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज करवाया था। ऑनलाइन ठगी के गैंग तक पहुंचने के लिए एसपी सिरमौर ने कुछ माह पहले एक एसआईटी का गठन किया। पहले आरोपी के परिवार का पता लगाया गया। इसके बाद साइबर सैल व शिलाई पुलिस की टीम संयुक्त तौर पर कोलकात्ता पहुंची। एसआईटी के सदस्यों ने खुद को बीमा एजेंट के तौर पर आरोपी के परिवार से परिचित करवाया।

इसके बाद सबसे पहले पुलिस को यह पता चला कि आरोपी का सही नाम सुब्रत सरकार है, जो ठगी के लिए अपना नाम अर्नव सिंघानिया बताया करता था। परिवार के बारे में खुफिया जानकारी हासिल कर टीम वापस लौट आई। इसके बाद पूरी तैयारी के बाद एक सप्ताह पहले फिर टीम कोलकात्ता के लिए रवाना हुई। वहां पहुंच कर टीम ने पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर, कोलकत्ता व सिलीगुडी में छापामारी की। अंत में आरोपी को सिलीगुडी से दबोच लिया गया।

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