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पुलिस कोर्ट को बताएगी पूरे मामले का सच, कार्रवाई का दिया जाएगा पूरा ब्यौरा

मुख्य न्यायाधीश वाली दो सदस्यीय खंडपीठ करेगी मामले की सुनवाई

हिमाचल दस्तक, अजय कुमार। मंडी/सरकाघाट

समाहल गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला प्रताड़ना मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पुलिस पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करेगी। मंडी पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर मंडी रेंज के आईजी एन वेणुगोपाल के माध्यम से शिमला पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। इस रिपोर्ट में 9 नवंबर के दिन बुजुर्ग महिला की प्रताड़ना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का पूरा हवाला दिया गया है।

प्रदेश हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय की ओर से पेश की जाएगी। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश नारायणस्वामी और न्यायाधीश ज्योत्सना वाली खंडपीठ कर रही है। समाहल गांव में बुजुर्ग महिला के साथ कू्ररता किए जाने का प्रकरण सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को एक सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए थे। एसपी गुरुदेव शर्मा ने कहा कि महिला प्रताड़ना मामले की सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी और इस दौरान हाईकोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

क्या है स्टेटस रिपोर्ट में

  • महिला प्रताडऩा मामले में दर्ज एफआईआर का हवाला।
  • जय गोपाल की ओर से दायर एफआईआर का पूरा ब्यौरा।
  • एफआईआर होने के बाद गिरफ्तार 24 लोगों की डिटेल।
  • महिला प्रताड़ना के सबूतों का हवाला।
  • पुलिस की ओर से अब तक की गई कानूनी कार्रवाई का ब्यौरा।
  • मामले की पड़ताल में लोगों से हुई पूछताछ का हवाला।
  • पूरे प्रकरण के पीछे की मानसिकता का ब्यौरा।
  • सरकाघाट थाने से हटाए गए तो पुलिस अधिकारियों की जानकारी।
  • फैक्ट फाइडिंग कमेटी का भी ब्यौरा।

पुलिस के हाथ लगा महिला प्रताडऩा का असली वीडियो

मोबाइल किया जब्त जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा ग्रामीणों से पूछताछ जारी

सरकाघाट। समाहल गांव की 80 वर्षीय राजदेई के साथ प्रताड़ना का असली वीडियो पुलिस के हाथ लग गया है। पुलिस ने वीडियो बनाने के लिए प्रयोग किए गए मोबाइल को जब्त कर लिया है और आरोपी की पहचान कर ली है। पुलिस ने वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसे फॉरेंसिक लैब भेज दिया है और समाहल के ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार पूछताछ का दौर जारी है। मामले में अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चश्मदीदों के बयान कलमबद्ध कर लिए हैं।

पुलिस की पड़ताल वीडियो में दिखाई दे रही रास्ते के आसपास रहने वाले लोगों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। इस जांच के दौरान कई ग्रामीणों ने महिला के साथ हुई प्रताड़ना की पुष्टि कर इसमें शामिल रहे लोगों की पूरी भूमिका का खुलासा कर दिया है। पुलिस की पूछताछ में धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है कि देव आस्था के नाम पर लोगों को सजा देने का यह दौर गांव में बहुत पुराना है। लेकिन बीते दिनों देव आस्था के नाम पर आधा दर्जन के करीब लोगों से ज्यादती कर दी गई है। गोपाल, कृष्णी, मोहन लाल और राजदेई सबसे ज्यादा भुक्तभोगी रहे हैं। सरकाघाट डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि असली वीडियो व मोबाइल पुलिस ने रिकवर कर लिया है।

गूर नहीं कथित पुजारिन निशु

मूल महूनाग ने अपने गुर गोपाल शास्त्री के माध्यम से साफ कहा कि कथित पुजारी निशु गूर नहीं है। इस पुजारिन को पहले ही देव रथों को चलाने पर पाबंदी लगाई गई थी। बावजूद इसके देवरथ चलाए गए और अब पूरा गांव उसका परिणाम भुगत रहा है। मूल महूनाग ने बताया कि गांव में जो कुछ भी हुआ, वह देवता ने नहीं किया है, बल्कि देवरथ नासमझी में चलाए गए वो ही बुरी शक्तियों के प्रभाव में आ गए।

पुजारिन की नासमझी ने समाहल गांव में ढाया कहर

भंडारा लगाने को देव महूनाग ने दी अनुमति

सरकाघाट। समाहल में देवता की कथित पुजारिन की नासमझी ने पूरे गांव पर कहर ढाया है। देव रथों को उठाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद कथित पुजारिन नीशू ने देव आस्था के नाम पर परंपरा की बलि चढ़ाई तो पूरा गांव ही मुश्किल में फंस गया। यह सब कुछ तरौर में स्थित मूल महूनाग ने अपने पुजारी दिगपाल शास्त्री के माध्यम से समाहल से आए लोगों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में कहा है।

मूल महूनाग देव के दरबार में पहुंचे समाहल के लोगों को हिदायत भी दी गई है कि देवव्रत गांव के मंदिर में नहीं जाएंगे और पुराने गूर के घर में ही पुराने स्थान पर तब तक विराजमान रहेंगे जब तक जेल में बंद सभी लोग वापस घर नहीं आ जाते हैं। देव मूल महूनाग ने यह भी साफ कहा कि देवरथ आज जहां हैं वहीं रहेंगे और देव आस्था में विश्वास रखने वाले लोग अगर कोई भंडारा लगाना चाहते हैं तो जहां देवरथ आज मौजूद हैं वहीं पर भंडारे का आयोजन कर सकते हैं। लोगों के वापस गांव आने पर ही देवता के गूर का चयन किया जाएगा और गुरु की चयन प्रक्रिया भी मूल देवता महूनाग के गूर और पुजारी की देखरेख में ही पूरी होगी। लोगों ने मूल महूनाग से गांव में सुख-शांति की कामना की है।

पुलिस कार्यप्रणाली की जांच जारी

बुजुर्ग महिला क्रूरता मामले में पुलिस अधिकारियों सहित छानबीन में लगे पुलिस कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच एएसपी पुनीत रघु कर रहे हैं। एसपी गुरदेव चंद शर्मा ने पुलिस के पास आई शिकायतों के दौरान पुलिस कर्मचारी की कार्यप्रणाली कैसी रही है? इसकी जांच करने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह कमेटी अपनी रिपोर्ट एसपी मंडी को सौंपेगी।

ये गए थे मूल महूनाग के पास

तरौर स्थित मूल महूनाग के दरबार में फरियादी बनकर पहुंचने वालों में प्रताडि़त महिला राजदेई के दामाद योगराज और उसकी बेटी जमुना सही देवरथ से प्रताड़ित जय गोपाल भी पहुंचे थे। इसके अलावा ग्राम पंचायत प्रधान कुलदीप शर्मा वार्ड पंच प्रताप सिंह करण सिंह, राजवीर सिंह और संतोष कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे हैं।

बुजुर्ग महिला से क्रूरता मामले में ढूंढे नहीं मिल रहे चश्मदीद

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