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ट्रॉयल को लग सकता है अभी एक सप्ताह

हिमाचल दस्तक। बैजनाथ
कांगड़ा घाटी में रेलवे ट्रैक को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए उतर रेलवे विभाग का पुराना भाप इंजन ट्रैक पर दौड़ता नजर आएगा। इस भाप इंजन का ट्रायल के लिए अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। ट्रायल के तोर पपरोला रेलवे स्टेशन पर चलाया जाना था, लेकिन किन्ही तकनीकी कारणों की वजह से इसे ट्रैक पर नहीं चलाया जा सका।

पपरोला रेलवे स्टेशन अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि भाप इंजन में ड्राइवर तथा उसके क्रू मेंबर न होने के कारण वीरवार को इसका ट्रायल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि भाप इंजन लगभग 60 साल पुराना होने के कारण आज के इंजन ड्राइवरों को इस इंजन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसलिए पुराने ड्राइवर की व्यवस्था की जा रही है तथा अगले सप्ताह तक ही इसका ट्रायल किया जाएगा, जिसके लिए दिल्ली से ड्राइवर व क्रू की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस बारे दिल्ली में रेलवे विभाग के अधिकारियों से बात हो गई है। उन्होंने बताया ट्रायल के तौर पर इसे पहली बार पपरोला स्टेशन से पालमपुर तक चलाया जाएगा तथा वापस पालमपुर से इसे बैजनाथ के लिए चलाया जाएगा अगर इसमें इंजन सफल हो जाता है तो इसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक पर दौड़ता नजर आएगा।

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