students disappointed

तेलका में कॉलेज को बंद करने की चर्चा पर जनमत निर्माण अभियान ने की बैठक

कहा, कॉलेज से जुड़े लोगों के सपने 15 पंचायतों की छात्र करते हैं पढ़ाई

उत्तम भारद्वाज। सुंडला
तेलका में चल रहा कॉलेज बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि इस कॉलेज की वजह से क्षेत्र की 15 पंचायतों की लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं। खासकर उन 43 लड़कियों के लिए यह कॉलेज किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है, जिनके अभिभावक अपनी लड़कियों को चंबा या फिर कहीं बाहर जाकर कॉलेज स्तर की पढ़ाई करवाने में असमर्थ थे। रविवार को चंबा जनमत निर्माण अभियान की चाय पे चर्चा के दौरान इसी मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा का हिस्सा बने नरगिस बेगम, रियाज मोहम्मद और सना ने कहा कि तेलका में खुले कॉलेज को बंद करने की चर्चा हो रही है।

इन्होंने कहा कि इस कालेज के बंद होने की चर्चा मात्र से उनके बच्चे परेशान हो गए हैं। इन तमाम लोगों ने कहा कि जबसे कॉलेज खुला है, तबसे उनके बच्चे यही रट लगाए हैं कि मां औ अब्बा हम भी कॉलेज जाकर पढ़ेंगे। बच्चों की इस तरह की बातें सुनकर सचमुच उनका मन बेहद खुश हो जाता है। इन्होंने बताया कि इस कालेज को देखकर हमारी ही तरह कई और भी पेरेंट्स ने अपने बच्चों के लिए बड़े-बड़े सपने संजोए हैं, लेकिन अब अचानक कॉलेज को बंद करने की चर्चा ने इलाके के लोगों को परेशान करके रख दिया है।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए इशाक मोहम्मद, रूक्सार, मुम्मताज बेगम, शाईराता सना ने कहा कि तेलका कॉलेज बाडका, मोड़ा, सालवां, भजौत्रा, , नडल, करवाल, गवालू, मांझली, लिगा, खरल समेत आसपास के एरिया का केंद्र बिंदू है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वर्तमान में इस कालेज में 57 में 43 लड़कियां पढ़ाई कर रही है। यह तमाम लड़कियां बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई छोड़कर घर बैठ गई थी।

लड़कियां अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर बैठने को मजबूर होंगी

तेलका में कालेज खुलने पर घर बैठ चुकी तमाम लड़कियों ने दोबारा से एडमिशन लेकर अपनी पढ़ाई शुरू कर रखी है। ऐसे में अब तेलका कालेज बंद होता है तो फिर यह लड़कियां अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर बैठने को मजबूर होंगी। गुरबत की जिंदगी जीने को मजबूर इन लड़कियों के पेरेंटस की इतनी हैसियत नहीं है कि वह अपनी लड़कियों को 65 किलोमीटर दूर चंबा कॉलेज में पढऩे को भेज सकें। चर्चा का हिस्सा बनी सानिया, अर्शा बेगम, बेबी बेगम कहती हैं कि कालेज खुलने पर उनके सुनसान एरिया में अब चहल पहल भी बढ़ी है।

जिससे इलाके में छोटी मोटी दुकानदारी भी लोगों की चलने से उन्हें रोजगार के साधन मिल गए हैं। कालेज बंद होने पर यहां छोटी मोटी दुकानदारी करके अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले फिर से बेरोजगार हो जाएंगे। उधर, जनमत निर्माण अभियान से जुड़़े मनुज शर्मा और युद्धवीर टंडन ने कहा कि चाय पे चर्चा के दौरान तेलका कालेज के बंद होने की चर्चा मात्र से लोगों के चेहरों पर मायूस साफ दिखी।

उन्होंने कहा कि यह कालेज क्षेत्र की बेटियों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं। क्योंकि 57 में से 43 लड़़कियां यहां पढ़ रही है। इसलिए इस कालेज को हरगिज बंद नहीं करना चाहिए। बहरहाल, इस मुद्दे को सरकार के नुमाइंदों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams