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Suresh Chandel can generate difficulties for the BJP in the coming Lok sabha election

चंदेल को लेकर संसदीय क्षेत्र में अटकलों का बाजार काफी गर्म , सीएम के दो दिवसीय दौर में बनाए रखी दूरी

अनूप शर्मा । बिलासपुर : भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सासंद सुरेश चंदेल पर कांग्रेस द्वारा डाले जा रहे डोरे भाजपा के लिए आने वाले लोक सभा चुनाव में मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। चंदेल मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के बिलासपुर जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान दूरी बनाए रखे रहे। उन्होंने कहीं भी जय राम ठाकुर के कार्यक्रम में भाग लेना उचित नहीं समझा।

राजनैतिक हलकों में पिछले काफी लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं कि चंदेल कभी भी अपनी उपेक्षा से दुखी होकर भाजपा को अलविदा कह देंगे। जैसे -जैसे लोक सभा चुनाव समीप आ रहे हैं। वैसे -वैसे चंदेल को लेकर हमीरपुर संसदीय चुनाव में अटकलों का बाजार लगातार गर्माता जा रहा है। आलम यह है कि चंदेल के समर्थक पार्टी में अपनी व अपने नेता की अनदेखी से नाराज बताए जाते हैं। इधर- उधर हाट बाजार में चंदेल के समर्थकों को भाजपा नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए सुना जाता है कि कांगे्रस से पार्टी में शामिल किए लोगों को सिर आंखों में बिठाया जाता है , उन्हें टिकट देकर विधायक व मंत्री बनाया जाता है लेकिन जमीन से जुड़े नेता को नजर अंदाज किया जा रहा है। यह सब भाजपा के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं रहेगा।

पार्टी के बडे नेताओं का अंहकार भी पार्टी की हार का कारण बन सकता है। उल्लेखनीय है कि सुरेश चंदेल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रचारक रहने के बाद भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी में उन्हें शुरू में संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा था। जिसमें वह खरे उतरे थे। भाजपा ने जब उन्हें लोक सभा चुनाव में उतारा तो उन्होंने दमदार तरीके से वहां अपनी हाजिर दर्ज करवाई। लेकिन जब उनका टिकट कटा तो लगातार वह उपेक्षा का शिकार होते रहे।

उन्होंने कभी पार्टी से नाता नहीं तोड़ा। बाद मेें उन्हें भाजपा किसान मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। पिछली बार भाजपा से सदर हलके से चुनाव लड़ा तो पार्टी के ही कई नेताओं ने उनके खिलाफ बगावत के सुर बुलंद किए, जिसका परिणाम यह हुआ कि उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बावजूद भी चंदेल ने हिम्मत नहीं हारी। और सदर हलके में संगठन को लगातार मजबूती प्रदान करते रहे। पार्टी की अंदरूनि राजनीति के कारण इस बार उन्हें टिकट से महरूम कर दिया गया।

उनकी जगह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नडडा के खास समझने वाले सुभाष ठाकुर को टिकट मिला व वह विधायक चुने गए। उसके बाद पार्टी में पूर्व सांसद चंदेल को लगातार नजर अंदाज करना शुरू कर रखा है। जिस कारण उनके समर्थक जगह जगह बगावती सुर अलापते हुए देखे जा सकते हैं। अब जब मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दो दिवसीय दौरे पर हैं, उस समय भी सुरेश चंदेल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूरी बनाए रखे। उनके समर्थकों का कहना है कि यह दूरी इतनी न बढ़ जाए कि सब कुछ ही पकड़ से बाहर हो जाए।

भाजपा के पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता से जब सीएम के दौरे से उनकी गैर हाजिरी पर बात करनी चाही कि वह प्रदेश से निजी कार्य से बाहर हैं। इसलिए वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं।

 

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