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अभिषेक राणा को 2019 में भावी प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत कर गए बराड़

विधानसभा छोड़ रैली में पहुंचे विक्रमादित्य

रविंद्र चंदेल। हमीरपुर
हमीरपुर के गांधी चौक में यूथ कांग्रेस के बैनर तले रैली का आयोजन किया गया। यूथ कांग्रेस की इस रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह बराड़ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि विधायक विक्रमादित्य सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस रैली का आयोजन युवा संपर्क विंग के संस्थापक व प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता व सचिव अभिषेक राणा ने किया था। प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रभारी अमित यादव सहित पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समर्थक कांग्रेसियों का हुजूम इस रैली को सफल बनाने के लिए आखिरी समय तक गांधी चौक में डटा रहा।

जबकि सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा अपने पुत्र अभिषेक राणा के नेतृत्व में हुई इस रैली में डॉयरेक्टर की भूमिका में मौजूद रहे। करीब 2 घंटे चली इस रैली में बीजेपी व प्रधानमंत्री मोदी करीब-करीब सभी वक्ताओं के निशाने पर रहे। युवाओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदोस्तान व युवा एकता के नाम से हुई इस रैली में युवाओं से कहीं ज्यादा अधेडों व महिलाओं की संख्या रही। जिसमें सर्वकल्याणकारी संस्था के सदस्य व पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

यूथ कांग्रेस की इस रैली में हमेशा की तरह जिला कांग्रेस व यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी नदारद रहे

रैली का नारा बेशक युवा एकता व युवाओं का अपमान न सहने का दिया गया था लेकिन इस रैली की आड़ में 2019 के लोकसभा चुनावों में राजेंद्र राणा के पुत्र अभिषेक राणा को चेहरा बनाने व दिखाने का मकसद किसी से छुपा नहीं रह सका। इशारों ही इशारों में रैली के चीफ गेस्ट अमरिंदर सिंह बराड़ ने अभिषेक राणा की पैरवी की। यूथ कांग्रेस की इस रैली में हमेशा की तरह जिला कांग्रेस व यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी नदारद रहे।

यहां तक कि रैली की टोह लेने आए कुछ भाजपाई कार्यकर्ता तो सभा स्थल के इर्द-गिर्द दिखे भी लेकिन कांग्रेस संगठन से संबंध रखने वाला कोई भी नेता या कार्यकर्ता इस रैली मेंं नहीं दिखा। उधर, रैली से परेशान भाजपाई नेताओं की तेजी इस कदर रही कि रैली खत्म होने से पहले ही उन्होंने इस रैली को फ्लॉप शो करार देने में देर नहीं लगाई।

मतलब साफ था कि हमीरपुर के गांधी चौक में यूथ कांग्रेस की रैली का नोटिस बेशक उनकी अपनी पार्टी के लोगों ने नहीं लिया हों लेकिन भाजपाईयों को यह रैली चुभी जरूर है। इधर, बयानों और भाषणओं में हर छोटे-बडे नेता ने बिना कोई लिहाज किए बीजेपी की चुलें हिलाने का भरसक प्रयास किया और उनके निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व सांसद अनुराग ठाकुर रहे।

कुछ तो बात है

कुछ तो बात जरूर है कि मोदी युग की राजनीति में प्रदेश के हर छोटे-बड़े नेता का महत्व गौण होता जा रहा है। पक्ष हो या विपक्ष हर नेता की तारीफ या निशाने पर सिर्फ और सिर्फ मोदी ही रहते है। बड़े नेताओं की तो बात छोड़ो, छोटे नेताओं का संवाद भी मोदी से शुरू होता है और मोदी पर ही खत्म होता है।

उग्र संवादों ने तोड़ी शालीनता की सीमा

बड़ी भीड़ जुटाने के दावे के विपरीत बेशक यूथ कांग्रेस के सजे पंडाल में कुछ कुर्सियां खाली रही, लेकिन आरोपों व उग्र संवादों से राजनीतिक मर्यादाओं का टूटना जारी रहा। मोदी हो या धूमल या फिर अनुराग सब पर एक से एक बढ़कर हमला बोला गया।

राणा के साथ है वीरभद्र सिंह परिवार

विधानसभा छोड़कर हमीरपुर यूथ कांग्रेस की रैली में पहुंचे विक्रमादित्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमीरपुर के कांग्रेसियों को राणा रास आएं या ना आएं, वीरभद्र सिंह परिवार राणा के साथ है। विक्रमादित्य सिंह फौजी टोपी सिर पर सजाए रैली में एक कमांडर की तरह पहुंचे थे।

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