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The entire hospital will reduce the chances of medical colleges

हर जिला में ऐसा एक हॉस्पिटल बनाएगी सरकार , स्पेशलिस्ट डॉक्टर होंगे नियुक्त, हर टेस्ट की होगी सुविधा

अरविंद शर्मा। शिमला : प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अलग योजना तैयार की है। अब हर जिला में एक अस्पताल को संपूर्ण अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा। पहले चरण में 12 अस्पतालों को संपूर्ण अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा। इसमें हर जिला के एक-एक अस्पताल को चुना जाएगा।

संभवत: जिला मुख्यालय का अस्पताल ही इसमें आएगा। संपूर्ण अस्पतालों में सभी रोगों के लिए स्पेशलिस्ट डाक्टर नियुक्त किए जाएंगे, ताकि जिला के मरीजों का इलाज यहीं पर किया जा सके। इन अस्पतालों से डाक्टरों की ट्रांसफर भी तभी की जाएगी जब कोई रिलीवर मौजूद होगा। कोई भी पद यहां पर स्पेशियलिटी का खाली नहीं रखा जाएगा। अस्पतालों में लैब की सुविधा भी रहेगी। हर तरह के टेस्ट इन्हीं अस्पतालों में होगी।

मरीजों को दूसरी जगह जाने की जरूरत ही नहीं रहेगी। रेफरल केसिस की ऑनलाइन मानिटरिंग भी होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा को सिरे चढ़ाने के लिए होमवर्क शुरू कर दिया है। अगले महीने से इस योजना को लांच करने की तैयारी चल रही है।

मेडिकल कॉलेजों में हर तरह का मरीज पहुंच रहा है। अधिकतर मरीज छोटी-छोटी बीमारियों के होते हैं और इससे बड़ी बीमारियों के मरीज इलाज से वंचित रह जाते हैं। इसलिए संपूर्ण अस्पताल में ही ऐसे मरीज पहले लिए जाएंगे, ताकि मेडिकल कालेज केवल रेफरल यूनिट ही हो।
-विपिन परमार, स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल सरकार

अपर शिमला का पीएचसी बन गया है आईजीएमसी

मेडिकल कालेजों में मरीजों का काफी ज्यादा रश रहता है। गंभीर बीमारी के अलावा सर्दी-जुकाम और छोटी मोटी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए भी मरीज मेडिकल कालेज में आते हैं। शिमला में लोग जिला अस्पताल के बजाय मरीज सीधे आईजीएमसी चले जाते हैं। इसलिए अपर शिमला के लए आईजीएमसी पीएचसी की तरह हो गया है। इस क्रम को बदलना होगा। मेडिकल कॉलेजों को केवल रेफरल मामलों के लिए ही रखा जाएगा।

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