three prisoner escaped

तीनों नेपाली, दो पर बलात्कार और एक पर मर्डर का केस

रात्रि गश्त में सेवाएं दे रहे दो वार्डन सस्पेंड किये पुलिस ने

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
आदर्श कारागार कही जाने वाली कंडा जेल से मंगलवार देर रात तीन खूंखार कैदी फरार हो गए। जेल सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर इन कैदियों ने जेल की दीवार फांद कर भागने में कामयाबी पाई। तीनों कैदी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और एक पर हत्या और दो अन्य पर बलात्कार का केस है।

तीनों कैदियों की फरार होने की सूचना बुधवार सुबह 4 बज कर 15 मिनट पर मिली

जेल अधिकारियों ने बताया कि विचाराधीन कैदियों में 22 वर्षीय लीला धर पर हत्या का मामला दर्ज है। उस पर 302, 201 और 34 की धाराएं लगी हुई हैं। इसे दो साल पहले कुल्लू पुलिस ने गिरफ्तार किया था और फिर कंडा जेल लाया था। लीला धर एक अक्तूबर 2015 से कंडा जेल में बंद था। दूसरा फरार कैदी 27 वर्षीय प्रताप सिंह बच्ची से बलात्कार के जुर्म में जेल में था।

उस पर 376, 377 और पोस्को एक्ट की धाराएं लगी हुई है । इसके खिलाफ शिमला महिला थाने में मामला दर्ज है। वह 29 अक्तूबर 2016 से कंडा जेल में सजा काट रहा था। इसी तरह तीसरा कैदी 22 वर्षीय प्रेम बहादुर है। जो बलात्कार के आरोप में 16 जुलाई 2015 से कंडा जेल में सजा काट रहा था। उसके खिलाफ 363, 366 और 376 की धाराएं लगी हैं और इसे रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

कंडा जेल की बैरक नंबर एक से तीनों कैदियों की फरार होने की सूचना बुधवार सुबह 4 बज कर 15 मिनट पर मिली। उसके बाद बालूगंज पुलिस थाने में इस संदर्भ में FIR भी दर्ज की गई। इस घटना के बाद जेल विभाग ने यहां रात्रि सेवा दे रहे दो वार्डन को सस्पेंड कर दिया है।

डीजी जेल सोमेश गोयल ने एसपी जेल हेडक्र्वाटर को पूरी जांच के आदेश दिए हैं। फरार कैदियों की तलाश में पुलिस प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। तीनों को पकडऩे के लिए उनके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कैदियों के नेपाल भागने की आशंका के चलते राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नाके लगाए गए हैं।

बैरक की खिड़की रेलिंग तोड़कर भागे

कंडा जेल में इन दिनों भवन निर्माण का कार्य चला हुआ है। जिस बैरक में तीनों अपराधियों को लॉकअप में रखा गया था, उन्होंने खड़की की रेलिंग तोड़ी। उसके बाद निर्माधीण भवन से दीवार फांद कर फरार हुए। ऐसे में जाहिर है कि यहां निर्माणाधीन भवन सेे ही कैदियों को फरार होने का रास्ता मिला।

इस घटना से जेल की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। इससे पहले भी कंडा जेल का एक कैदी फरार हुआ था। नवंबर माह में दर्शन कुमार नामक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। बाद में शिमला पुलिस ने इस कैदी को गोवा से गिरफ्तार किया था।

जेल में सेवाएं दे रहे सुरक्षा कर्मियों की नाकामी के कारण कैदी भागे हैं। डयूटी के तैनात कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कैदियों को तलाशने के लिए एसपी जेल हेडक्र्वाटर की टीम को निर्देश दिए हैं। ये जल्द पकड़ लिये जाएंगे। -सोमेश गोयल, पुलिस महानिदेशक।

कंडा जेल से तीन कैदी फरार हुए हैं। घटना को लेकर बालूगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर दी है। डीजी जेल ने एसपी हेडक्वार्टर को जांच सौंपी है। तीनों कैदी बैरक नंबर चार की खिड़की तोड़कर और दीवार फांद कर फरार हुए। तलाश में टीमें रवाना हो गई हैं। -सुशील ठाकुर, एसपी जेल।
-नेगी-

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