Tradition to dispel evil po

आग पर चलकर देवगुरों ने अलौकिक शक्ति का दिया परिचय

हिमाचल दस्तक,सैंज।। जिला कुल्लू की सैंज घाटी में अद्भुत दैवीय शक्ति का नजारा देखने को मिला। यहां बुरी शक्तियों को दूर भागेने के लिए अश्लील गालियों का प्रयोग किया जाता है। सैंज घाटी के रैला गांव में मंगलवार रात को देवता लक्ष्मी नारायण के सम्मान में हूम पर्व का आयोजन किया गया । देवता लक्ष्मी नारायण व माता आशापुरी के भव्य मिलन के साथ हूम पर्व का शुभारंभ हुआ।

  • देवता लक्ष्मी नारायण के सम्मान में हूम पर्व का आयोजन किया गया
  • देवता की सौह में अश्लील गालियों से बुरी शक्ति को दूर भगाने की परंपरा

वहीं घाटी के हज़ारों लोगों ने मशाल जलाकर हूम पर्व में भाग लिया। देवी-देवता के भव्य मिलन के पश्चात माता आशापुरी को मंदिर में ले जाने के पश्चात ही देवता की सौह में अश्लील गालियों से बुरी शक्ति को दूर भगाने की परंपरा निभाई गई। वहीं देवपरंपरा का निर्वहन करते हुए अनेकों देवगुरों ने जलती आग की लपटों के बीच चलकर देव शक्ति का एहसास दिलाया।

श्रद्धालू अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं

लक्ष्मी नारायण देवता कमेटी के कारदार ने बताया कि हूम का आयोजन प्रतिवर्ष भादों माह में किया जाता है। जिसमें देवता के मुख्य कारकून व्रत रखकर लक्ष्मी नारायण का श्रृंगार करते हैं। साथ ही सभी श्रद्धालू अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं।पुजारी कल्याण संघ खंड बंजार के अध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा, गूर तमेश्वर शर्मा, पालसरा यान सिंह नेगी, जुगतराम धामी तथा रमेश धामी ने बताया कि परंपरा के अनुसार बुरी शक्तियों को भगाने के लिए हूम पर्व का आयोजन किया जाता है।

जिसमें सभी श्रद्धालुओं द्वारा देवता लक्ष्मी नारायण को पुष्प अर्पित करने के पश्चात विशाल जागरण का आयोजन किया जाता है । हूम पर्व के दौरान रैला गांव में भंडारे का आयोजन भी किया साथ ही रातभर सामूहिक कुल्लवी नाटी में भी लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया ।

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