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प्रदेश सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, ठोस नीति की उठाई मांग

आरोप, प्रशिक्षण देने के बाद नहीं बुला रहा परिवहन निगम

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालकों ने सोमवार को सचिवालय के बाहर उस समय धरना-प्रदर्शन किया, जब कैबिनेट की बैठक चली हुई थी। बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालकों ने अपने लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदेश भर से आए सभी प्रशिक्षित परिचालकों ने एक स्वर में कहा कि सरकार उनके लिए नीति बनाए नहीं तो यह आंदोलन आगे भी यूं ही जारी रहेगा।

इस अवसर पर प्रशिक्षित परिचालक संघ प्रदेशाध्यक्ष नरेश पठानिया ने मांग उठाई है कि उन्हें नियमित करने के लिए परिवहन निगम नीति बनाए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से HRTC प्रदेश के बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। प्रशिक्षित होने के बाद भी नौकरी न मिलने से परिचालकों को उनका भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समक्ष भी कई बार संघ मांगें उठा चुका है। लेकिन सरकार ने कोई नीति नहीं बनाई।

पूर्व मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने उन्हें नीति बनाने का आश्वसन तो दिया था, लेकिन प्रशिक्षित परिचालकों के साथ सरकार ने वादा खिलाफी की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ठोस नीति बनाने की मांग की है, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार प्राप्त हो और वे अपने परिवार का पोषण समान रूप से कर सकें।

1300 पदों पर भर्ती को रद करे सरकार

प्रशिक्षित परिचालक संघ ने मांगपत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2016 में परिवहन निगम ने टीएमसी के तहत 498 परिचालकों की भर्ती की थी। इस भर्ती में कुछ एक खास जिलों के अभ्यर्थियों को ही उत्तीर्ण किया गया। इस भर्ती का मामला अब भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद विस चुनावों से पहले टीएमसी के तहत फिर से 1300 पदों के लिए परीक्षा ली गई। लेकिन अभी तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। संघ ने मुख्यमंत्री से इस परीक्षा को भी रद करने की मांग की।

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