kalka shimla railway track

मैदानी इलाकों में स्मॉग का उत्तर रेलवे पर भी असर

हावड़ा व शताब्दी एक्सप्रेस का लेट होना भी कारण

सुरेंद्र ममटा। सोलन
देश के उत्तरी राज्यों में फैली स्मॉग का कालका-शिमला रेलवे पर जबरदस्त असर पड़ा है। स्मॉग के कारण कालका शिमला के बीच चलने वाली लगभग सभी ट्रेने खाली दौड़ रही है। इससे जहां पर्यटक हैरिटेज रेलवे के सफर का लुत्फ नहीं उठा पा रहे हैं वहीं दूसरी ओर पर्यटन सीजन में रेलवे को भी खासा नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि रविवार को स्मॉग का असर अन्य दिनों की अपेक्षा कम रहा। बावजूद इसके अधिकांश गाडिय़ां पटरी पर खाली ही दौड़ती रही।

जानकारी के अनुसार हावड़ा एक्सप्रेस कई घंटे व शताब्दी एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटा देरी से कालका रेलवे स्टेशन पहुंची। इस कारण कालका से शिमला आने वाली सभी गाडिय़ां बिना पर्यटकों के ही पहुंची। हालांकि कालका शिमला रेलवे ट्रैक पर सभी गाडिय़ां अपने नियमित समय सारिणी के आधार पर चल रही है, लेकिन हावड़ा व शताब्दी एक्सपे्रस की टाइमिंग से मेल न खाने के चलते कभी कभार देरी से पहुंच रही है। स्मॉग का असर कालका-शिमला हेरिटेज मार्ग पर 114वीं सालगिरह पर भी देखा गया।

बीते 9 नवंबर को कालका-शिमला रेलवे ने अपने 114 वर्ष का सफर पूरा किया है। इस दिन भी ज्यादातर गाडिय़ां खाली ही टै्रक पर दौड़ती रही। वैसे तो नवंबर में प्रदेश में पर्यटक सीजन आरंभ हो जाता है और यहां नियमित अंतराल पर पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है। यह पहला मौका है जब स्मॉग से छुटकारा पाने के लिए लोग पहाड़ी राज्य का रूख कर रहे है लेकिन रेलवे के लिए दुखद इसलिए है कि मुख्य गाडिय़ां देरी से चलने के कारण पर्यटक निजी टैक्सियों व बसों में सफर कर रहे हैं।

टैक्सियों से पहुंच रहे हैं ज्यादा पर्यटक

आमतौर पर पर्यटक रेलवे से ही ज्यादतर सफर को प्रेफर करते हैं लेकिन मैदानी राज्यों में फॉग के कारण इस दफा अधिकांश पर्यटक निजी टैक्सियों से ही प्रदेश के अलग-अलग भागों में पहुंच रहे है। इससे रेलवे को तो चूना लग रहा है, लेकिन निजी टैक्सी चालक इस मौके को दोनों हाथों से भुना रहे हैं।

होटलों में बढऩे लगी ऑक्यूपेंसी

पर्यटक सीजन के आरंभ होने व मैदानी राज्यों में स्मॉग के चलते इस दफा होटल कारोबारी भी खुश है। होटल कारोबारियों को अच्छा व्यवसाय होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार जिला के मुख्य पर्यटन स्थल चायल व कसौली में पर्यटकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि पर्यटन सीजन के शुरूआत में भी होटलों में अच्छी खासी ऑक्यूपेंसी हैं। इस कारण होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं दूसरी ओर होटल व्यवसायी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के पैकेज व प्लान तैयार कर रहे हैं।

स्मॉग के चलते हावड़ा व शताब्दी एक्सपे्रस के लेट होने का असर कालका शिमला रेलवे पर भी पड़ा है। आमतौर पर इस मौसम में जितने पर्यटक सफर करते थे उतने इस बार नहीं है। अधिकांश पर्यटक टैक्सियों से प्रदेश पहुंच रहे है। -दिनेश शर्मा, स्टेशन मास्टर, उत्तर रेलवे सोलन।

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