transfer act draft

अब काउंसलिंग से मिलेगा नया स्टेशन

  • अब शिक्षक संगठनों से चर्चा करेंगे मंत्री
  • नीति आयोग ने दिया था राज्य को सुझाव

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
हिमाचल में शिक्षकों की ट्रांसफर के लिए पहली बार कानून बनने जा रहा है। इस बारे में हिमाचल प्रदेश एजुकेशन (रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर्स ऑफ टीचर्स) एक्ट 2018 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इस पर अब शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज शिक्षक संगठनों से चर्चा करेंगे। सचिवालय में ये बैठक अगले सप्ताह होगी। इसके बाद आपत्तियों और सुझावों के लिए भी इसे वेबसाइट के जरिए सार्वजनिक किया जाएगा। फिर आगामी बजट सत्र में सरकार इस बारे में विधेयक लाएगी।

इस कानून के लागू होने के बाद शिक्षा विभाग में तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। नए कानून के दायरे में जेबीटी से लेकर कॉलेज प्रिंसिपल तक सब आएंगे। म्यूचुअल ट्रांसफर का खेल खत्म हो जाएगा और शिक्षक अपने स्तर पर स्टेशन की सेटिंग नहीं कर पाएंगे। एक स्थान पर सामान्य स्टे पहले की तरह 3 साल का होगा। इसके बाद तबादलों के लिए एक पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक शिक्षकों से ही विकल्प मांगे जाएंगे। एक साथ तीन विकल्प दिए जा सकेंगे।

हिमाचल को कुल चार जोन में बांटा गया है

इनमें से कौन सा स्टेशन मिलना है, ये संबंधित शिक्षक के पुराने स्टेशन और नए कानून में उसकी पात्रता पर आधारित अंकों से तय होगा। ये अंक नए कानून में तय किए जा रहे हैं। तबादला पीटीए या अन्य गेस्ट टीचर के अंगेस्ट नहीं होगा। हिमाचल को कुल चार जोन में बांटा गया है। इनमें डिफिकल्ट एरिया, हार्ड एरिया, रूरल एरिया और अर्बन एरिया शामिल हैं। इन्हें ए, बी, सी, डी नाम दिया गया है। एक और बी में हर टीचर को कम से कम 7 साल काटने होंगे। इसके बाद दोबारा इन्हें इन क्षेत्रों में नहीं भेजा जाएगा।

भारत सरकार के नीति आयोग ने सभी राज्यों को आरटीई से संबंधित दिक्कतों को देखते हुए सुझाव दिया है कि शिक्षकों के तबादलों के लिए एक कानून बनाया जाए। इसके बाद ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हिमाचल ने कर्नाटक और उत्तराखंड के ट्रांसफर एक्ट को स्टडी किया। महाराष्ट्र की पॉलिसी को भी देखा। हरियाणा शिक्षा विभाग का एक दल इसी मसले पर प्रेजेंटेशन देने क लिए 23 फरवरी को शिमला आ रहा है। इस एक्ट के लिए 2013 में पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा तबादलों पर बनाए गए कांप्रीहेंसिव गाइडिंग प्रिंसिपल्स को भी आधार बनाया गया है।

ये होगी तबादले की टाइमिंग

विंटर टू विंटर स्कूलों के लिए 1 फरवरी से 15 मार्च
विंटर टू समर स्कूलों के लिए 22 मार्च से 1 अप्रैल
समर टू समर स्कूलों के लिए 22 मार्च से 1 अप्रैल
समर टू विंटर स्कूलों के लिए 22 मार्च से 1 अप्रैल

तबादला आदेश नहीं माने तो रुकेगी प्रमोशन

तबादले की ये सारी प्रक्रिया शिक्षक की प्रमोशन से लिंक होगी। हालांकि तबादला आदेश संबंधी किसी आपत्ति पर अंतिम फैसला 30 दिन के भीतर लेने की व्यवस्था की गई है, लेकिन शिक्षक तबादला आदेशों का पालन करता है या नहीं? ये एसीआर में एंट्री का एक सब्जेक्ट होगा।

एक्ट में ये होगी तबादले की प्रक्रिया

-शिक्षकों का युक्तिकरण होगा ताकि शहरों के आसपास डटे शिक्षकों को छात्र अनुपात के अनुसार हटाया जा सके।
-प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग अपने यहां रिक्तियों की अधिसूचना अलग-अलग जारी करेंगे।
-इन रिक्तियों के अनुसार तबादले के इच्छुक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे।
-शिक्षा विभाग ऑनलाइन आवेदनों का वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन करेंगे।
– फिर एक्ट में जोन के आधार पर तय अंकों से शिक्षकों की काउंसलिंग होगी।
– इसके बाद ट्रांसफर ऑर्डर निकलेगा। इसके अंगेस्ट कोई राजनीतिक डीओ नोट काम नहीं करेगा।

ट्रांसफर काउंसलिंग में ऐसे मिलेंगे अंक

महिला शिक्षक को 10 अंक, विधवा या 40 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित शिक्षिका को भी 10 अंक, विकलांग को 20 अंक, यदि पति पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो भी 20 अंक, स्टेट या नेशनल अवार्डी टीचर को 5 अंक और पिछली दो पोस्टिंग के आधार पर जोन के 20 अंक।

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